लहसुन खाने के फायदे - Lahsun khane ke Fayde

लहसुन की एक कली खाये खाली पेट 

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पुरुष अगर रोज सुबह खालीपेट लहसुन की एक कली खाते हैं तो इससे कई बीमारियों के इलाज में मदद मिलती है। दरअसल लहसुन में एलिसिन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। यह कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचाने में मदद करते हैं। लहसुन में सेलेनियम होता है। जब यह बॉडी में जाता है तो इससे पुुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। इससे सांस और मुंह की बदबू दूर होती है। राजस्थान आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण दधीचबता रहे हैं पुरुषों के लिए लहसुन के 7 फायदे।
लहसुन में मौजूद प्रोटीन से बॉडी टोंड होती है। लहसुन में कार्बोहाइड्रेट्स होत हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं।

1. लहसुन में सेलेनियम होता हैं यह इन्फ़टिलिटी से बचाता हैं 
2. इसमें एंटी बैक्टेरियल प्रोपर्टीस होती हैं इससे सांस और मुहं की बदबू दूर होती हैं महिलाएं पुरषों की और अट्रेक्ट होती हैं 
3. लहसुन में प्रोटीन होता हैं इससे मसल्स तोंड  होती हैं 
4. इसमें कार्बोहाइड्रेटस होते हैं इससे कमजोरी दूर होती हैं बॉडी को एनर्जी मिलती हैं |
5. लहसुन में कैल्सियम होता हैं इससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं 
6. इसमें मौजूद एलीसिन से फैट बर्निंग की प्रोसेस तेज होती हैं इससे वजन कण्ट्रोल रहता हैं 

सर्दी जुकाम से बचने के 6 नए उपाय in Hindi



सर्दी जुकाम होने पर अपनाए ये 7 टिप्स मिलेगा तुरंत आराम

सर्दी जुकाम होने पर हमारी सांस लेने वाली नली में परेशानी होने लगती है जिसके चलते हम रात को ठीक से सो भीनहीं पाते है

सर्दी के मौसम में सर्दी जुकाम होना आम बात है। सर्दी के मौसम में काफी लोग इनके शिकार होते है। सर्दी जुकाम होने पर हमारी सांस लेने वाली नली में परेशानी होने लगती है जिसके चलते हम रात को ठीक से सो भीनहीं पाते है। सर्दी जुकाम में बंद नाक और लगातार खांसी आने के कारण नींद बार-बार खुल जाती है। ऐसा सर्दी-जुकाम में फेफड़ों में हवा सही तरीके से नहीं पहुंच पाने के कारण होता है। अगर कोल्ड के कारण रात में आपकी नींद भी बार-बार टूटती है? कितनी ही देर बिस्तर पर लेटने के बाद भी नींद नहीं आती तो यहां दिये उपाय आपको बेहतर नींद पाने में मदद कर सकते हैं।

1. गरारे का इस्तेमाल करें  : संक्रमित गले या गले को नम करने के लिए गरारे एक बहुत ही शानदार तरीका है। सर्दी और फ्लू के लक्षणों को कम करने के लिए गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर दिन में चार बार गरारे करें। आप गरारे के पानी में शहद और सेब साइडर सिरका भी मिला सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे एक साल की कम उम्र के बच्चों पर इस नुस्खे को न अजमायें। ।

2. साइनस के आसपास गर्म या ठंडा पैक : सर्दी या फ्लू दोनों से लडऩे के लिए आप गर्म या ठंडे उपचार का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बंद साइनस के चारों ओर ठंडा या गर्म पैक लगाने से तापमान में परिवर्तन आने लगता है जिससे आपको बहुत आरामदायक महसूस होता है।


3. गर्म सूप का सेवन करें : गर्म सूप का एक बॉउल नाक और गले में सूजन को दूर करने में मदद करता है। गर्म तरल पदार्थ बंद नाक को खोलने और निर्जलीकरण को रोकने के लिए जाने जाते हैं। माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर में हुए एक अध्ययन के अनुसार, साइनस को साफ करने के लिए चिकन सूप विशेष रूप से लाभकारी होता है।

4. गर्म पानी से नहाये : सोने से पहले अपने शरीर को आराम देने के लिए आप गर्म पानी से नहा सकते है। गर्म पानी से आपकी बंद नाक तुरंत खुलेगी और आपको आराम मिलेगा। गर्म पानी नासिका मार्ग को नम करने के साथ-साथ आपको रिलेक्स भी कराता है। शॉवर की स्टीम और नमी साइनस को खुलने और नासिका मार्ग को संकुचित होने में मदद करती है। जिससे कोल्ड्ज के कारण बंद नाक की घुटन से राहत मिलती है


5. गर्म चाय भीफायदेमंद : अगर आप चाय पीते हैं तो यह तरीका भीट्राई कर सकते हैं क्योंकि यह आपके शरीर के लिए बहुत अच्छा  कर सकती है। यह फ्लू के लक्षणों को कम कर आपको चैन की नींद सोने में मदद करती है। हार्वर्ड के एक अध्ययन के अनुसार चाय पीना संक्रमण के खिलाफ शरीर की सुरक्षा को बढ़ाता है। चाय के रूप में आपको ग्रीन टी, पुदीने और अदरक की चाय पीनी चाहिये।

6. सिर के नीचे अधिक तकियों का इस्तेमाल : सर्दी जुकाम की समस्या होने पर रात को सोने के लिए आप एक से अधिक तकिए का उपयोग करें। यह नासिका मार्ग से आसानी से पानी निकलने में मदद करता है। सोने की स्थिति में मामूली सा झुकाव लाने से खून का प्रवाह सिर की ओर होने से वायु मार्ग की सूजन कम होने में मदद मिलती है। जिससे आपको सोने में कोई परेशानी नहीं होती।


 सोने की स्वस्थ आदतों का निर्धारण जब सर्दी के लक्षण आपकी नींद में खलल पैदा करते हैं तो नींद के लिए बुनियादी नियमों को निर्धारण करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए अपने सोने का समय निर्धारित करें और नियमित रूप से उसी समय पर बिस्तर पर जाये। साथ ही सोने से पहले कैफीनयुक्त कॉफी या शराब जैसे उत्तेजक पेय पदार्थों के सेवन से बचें। दूसरों उपायों की तरह नींद की स्वच्छ आदतें भी नींद के लिए कारगर उपाय है।

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दस्त और मोटापे से बचाव के घरेलू उपाय

15 मिनट की मुट्ठी, 5 मिनट में कर देती है दस्त और मोटापे की छुट्टी



लगभग हर आदमी साल-छह महीने में एक बार तो लूज मोशन का शिकार हो ही जाता है, तो अब ऐसे मौके पर आपको बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसका अचूक ईलाज आपके पास ही है, वह भी सिर्फ 15 मिनट में...जी हां, न डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है, ना पैसे खर्च करने की...ना ही ढेर सारी दवाइयां खाने की... बस, जरूरत है, तो यहां बताए जा रहे नुस्खे को करने की।

जब भी आपको दस्त, लूज मोशन या अतिसार हो आप बस बार-बार अपने दोनों हाथों की उंगलियों को मुट्ठी की तरह खोलने व बंद करने लगें। यकीन मानिए, सिर्फ इतना ही करने से दस्त में आपको पक्का आराम मिलने लगेगा। इससे हाथों और कंधों के सभी विकार दूर तथा शरीर की चर्बी गल कर बाहर निकलेगी, जिससे मोटापा हो जाएगा छूमंतर।

असल में बार-बार हाथ की उंगलियों को मुट्ठी की तरह खोलना-बंद करना एक तरह की योग मुद्रा है जिसका वर्णन हठ योग में आता है! यह एक एक्यूप्रेसर थैरेपी है, जिसका नतीजा चमत्कारिक है।

मोटापे से बचने के उपाय

निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है



एक अध्ययन में पता चला है कि अच्छी नींद नहीं लेने वाले लोग अगले दिन 385 किलोकैलोरी की अतिरिक्त खपत कर रहे हैं। यानी वे ज्यादा वसायुक्त भोजन और प्रोटीन ले रहे हैं। इससे उनमें मोटापे का खतरा बढ़ रहा है। निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है। यह लोगों को ज्यादा खाने और पेट पूरा भरा महसूस करने के लिए प्रेरित कर रही है।


नींद की कमी सिरकेडिन लय या आंतरिक शरीर घड़ी को बाधित कर सकता है। इससे शरीर का लेप्टीन नियमन- 'संतुष्टि' हार्मोन और ग्रेलिन-'भूख' हार्मोन प्रभावित हो सकता है। किंग्स कॉलेज लंदन के प्रमुख शोधपत्र लेखक हया अल खतिब ने कहा, हमारे परिणाम नींद को आहार और व्यायाम के अलावा एक तीसरा संभावित कारक बताते हैं, जिससे वजन बढऩे को प्रभावी तौर पर नियोजित किया जा सकता है।
अध्ययन में पता चला कि आंशिक रूप से नींद लेने के परिणाम के तौर पर कुल ऊर्जा खपत में 385 किलोकैलोरी प्रतिदिन की वृद्धि हुई। किंग्स कॉलेज लंदन के ग्रेडा पोट ने कहा, यदि लंबे समय तक नींद की कमी बनी रही तो कैलोरी की खपत की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वजन में भी बढ़ सकता है। इस शोधपत्र का प्रकाशन पत्रिका 'यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन' में किया गया है।

वायरल बुखार के लिए चावल के पानी के 10 फायदे



चावल का पानी बहुत ही फायदेमंद होता है जिसे पीने से कई बीमारियां ठीक होती है

चावल पकाने के बाद उसका पानी फेंकने की बजाए पिया जाए तो वो कई सारे फायदे करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चावल का पानी स्किन, बालों और हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चावल के इस पानी में भरपूर कार्बोहाइड्रेड्स और अमीनो एसिड्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी और कई बेनिफिट्स देने वाले हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चावल का पानी पीने से होने वाले फायदे...

कैसे बनाएं चावल का पानी
चावल का पानी बनाने के लिए चावल को धोकर थोड़ा ज्यादा पानी डालकर पकाएं। जब आपको लगे कि चावल पूरे पक चुके हैं तो उनमें बचे पानी को निकालकर अलग बर्तन में रख लें। इसे ठंडा होने पर यूज करें।

ये फायदे देता है चावल का पानी
- चावल के पानी में भरपूर काब्र्स होते हैं। इसे पीने से शरीर में एनर्जी आती और कमजोरी दूर होती है।
- रोज चावल के पानी से मुंह धोने पर कील-मुहासों, दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। स्किन भी सॉफ्ट बनेगी और चमक बढ़ेगी।
- चावल के पानी को बालों में शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की तरह यूज करें। इससे बाल झडऩे की समस्या से छुटकारा मिलते हुए बाल सॉफ्ट और सिल्की होंगे तथा जल्दी बढ़ेंगे।
- रोज रात को सोने से पहले कॉटन बॉल के जरिए चावल का पानी आंखों के आस-पास लगाएं। कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।
- चावल का पानी पीने से डाइजेशन सुधर कर कब्ज दूर होती है। क्योंकि इसमें फाइबर्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
- शरीर में पानी की कमी होने पर चावल का पानी पीएं। जल्द आराम मिलेगा।
- लूज मोशन होने पर चावल का पानी पीने से जल्द आराम मिलेगा।
- चावल के पानी में एंटीवायरल प्रोपर्टी होती है जिससें वायरल बुखार होने पर चावल का पानी पीएं आराम और ताकत मिलेगी।
- पेट में जलन होने पर चावल का पानी पीएं। इससें ठंडक मिलेगी।
- लगातार वोमेटिंग होने और चक्कर आने पर दिन में 2-3 बार 1 कप चावल का पानी पीने से जल्द राहत मिलेगी।

एक चुटकी नमक से कैसे करे घर की सफाई दिवाली में

घर की सफाई के लिए नमक के उपयोग 



नमक एक ऐसी चीज है जो हर घर में सबसे ज्यादा खाई जाती है। मगर क्या आप जानती हैं कि नमक से हम घर की कितनी सारी चीजे साफ और चमका सकते है?


नमक एक ऐसी चीज है जो हर घर में सबसे ज्यादा खाई जाती है। मगर क्या आप जानती हैं कि नमक से हम घर की कितनी सारी चीजे साफ और चमका सकते है? आप नमक के पानी का घोल बना कर उसमें सब्जियों को डुबो सकती हैं, जिससे उसमें छिपे कीट बाहर निकल कर आ जाएंगें। घर का नमक बड़े ही काम की चीज है। आज हम आपको बताएंगे कि नमक से हम कैसे अपने कपड़ों तथा बरतनों को चमका सकते हैं। तो चलिए जानते हैं नमक के कुछ जोरदार प्रयोग।

  1. जींस धोन के लिए वॉशिंग मशीन में डिटर्जेंट के साथ एक कप नमक डालें। दस मिनट तक के लिए जींस धोएं। जींस की पुरानी चमक लौट आएगी।
  2. किचन का सिंक बहुत ज्यादा गंदा और ऑयली है तो उसे गर्म पानी में नमक मिलाकर साफ करें। सिंक फिर से चमक जाएगी।
  3. यदि हाथों से प्याज और लहसुन की गंध नहीं जा रही है तो सिरके और नमक को मिलाकर हाथ पर मसलें। बदबू चली जाएगी।
  4. नमक के पानी के घोल में चांदी के बर्तन या गहने भिगोकर रख दें। कुछ मिनट बाद इसे साफ पानी से धो लें। फिर से पुरानी चमक लौट आएगी।
  5. ओवन यदि बहुत ज्यादा ऑयली हो गया है तो इसे नमक के पानी से साफ करें। नमक का पानी डाल कपड़े से ओवन को रगडें।
  6. यदि कपड़ों और दरी पर वाइन या दाग लग गया है तो इसे नमक के पानी से साफ करें। कुछ मिनट में दाग गायब हो जाएंगे।
  7. कांच के गिलास को साफ करने के लिए नमक के पानी के घोल में 10 मिनट तक डुबोकर रखें। फिर उन्हें नींबू और साफ पानी से धो लें। गिलास चमक जाएंगे।
  8. कपड़े प्रेस करने वाली आयरन में यदि जंग लग गई है तो उसे नमक से साफ कर लें। जंग दूर हो जाएगी।

चेहरे की सुन्दरता के लिए नीम और दही के फायदे


नीम और दही मिक्स करके चहरे पर लगाने से स्किन मजबूत होकर उसकी चमक बढ़ती है



नीम में एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टी पाई जाती है। इसे हफ्ते में 3 या 4 बार दही के साथ मिक्स करके लगाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम दूर होती है। इसे बनाने के लिए दो चम्मच नीम की पत्तियों के पेस्ट में एक चम्मच दही मिक्स करें। हम आपको बता रहे हैं नीम और दही से बने फेस पैक से होने वाले कई फायदे...

बढ़ती है स्किन की चमक
नीम और दही के फेस पैक में पर्याप्त मात्रा में विटामिनऔर न्यूट्रिएन्ट्स होते हैं जो स्किन सेल्स को जरूरी पोषण देते हैं। इससे स्किन का ग्लो बढ़ता है।

टैनिंग में कमी
नीम और दही का फेस पैक स्किन के डैमेज टिश्यूज को रिपेयर करता है। इससे टैनिंग कम होती है।

कील मुंहासे होंगे दूर
नीम और दही के फेस पैक एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टी होती है। इससे स्किन के बैक्टीरिया खत्म होते हैं और पिंपल्स की प्रॉब्लम दूर होती है।

दूर होंगे ब्लैक हेड्स
नीम और दही के फेस पैक में मौजूद तत्व स्किन को क्लीन करके ब्लैक हेड्स की समस्या से निजात दिलाते हैं।

घाव भरता है और दाग दूर होते हैं
नीम और दही के फेस पैक में एंटीसेप्टिक प्रोपर्टी होती है। इसे घाव पर लगाने से वो ठीक होता है और दाग भी दूर हो जाता है।

स्किन में नमी बनाए रखती है
नीम और दही का फेस पैक स्किन में नमी बनाए रखता है। इससे स्किन सॉफ्ट और हेल्दी होती है।

सनस्क्रीन का करता है काम
नीम और दही के फेस पैक मौजूद तत्व सनस्क्रीन की तरह काम करते हैं। इसे रोज लगाने से सूरज की अल्टा वायलेट किरणों से बचाव होता है।

दूर होते हैं डार्क सर्कल
नीम और दही के फेस पैक रोज लगाने से चेहरा साफ होता है और डार्क सर्कल की प्रोब्लम दूरी होती है।

माइग्रेन की बीमारी का घरेलु उपाय



माइग्रेन का संबंध मुंह के सूक्ष्मजीवों से, जीवाणुओं के जीन अनुक्रमण में पाया कि माइग्रेन से पीडि़त और गैर माइग्रेन वाले लोगों में इनकी मात्रा अलग-अलग थी


माइग्रेन से पीडि़त लोगों के मुंह में सूक्ष्मजीवों की संख्या ज्यादा होती है, जो नाइट्रेट को परिवर्धित करने की अपेक्षाकृत अक्षिक क्षमता रखते हैं। अमरीका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के सान डीएगो के अध्ययन के प्रथम लेखक एंटोनियो गोंजालेज ने कहा, यह विचार वहां से आया कि कुछ भोज्य पदार्थ माइग्रेन की शुरुआत करते हैं- चॉकलेट, शराब और विशेष रूप से नाइट्रेट वाले खाद्य पदार्थ।
गोंजालेज ने पाया, हमने सोचा कि शायद लोगों के खाने का संबंध, उनके सूक्ष्मजीवों और उनके माइग्रेन से है। नाइट्रेट ऐसे खाद्य पदार्थों, जैसे प्रसंस्कृत मांस और हरे पत्तेदार सब्जियों और कुछ निश्चित दवाओं में पाया जाता है। मुंह में पाए जाने वाले जीवाणुओं से नाइट्रेट को कम किया जा सकता है।

माइग्रेन की बीमारी का इलाज 
यह जब खून में संचारित होता है तो कुछ स्थितियों के तहत नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त प्रवाह में सुधार और रक्तचाप को कम कर हृदय की सेहत में सहायक होता है। हालांकि मोटे तौर पर चार-पांच दिल के मरीजों में जो नाइट्रेट युक्त दवाएं सीने के दर्द और हृदयाघात की दिक्कतों के लिए लेते हैं, उनमें सिरदर्द की शिकायतें एक प्रभाव के पक्ष के रूप में देखा गया है।
इसे ठीक से जानने के लिए शोधकर्ताओं ने स्वस्थ व्यक्तियों के मुंह के नमूने जीवाणु के 172 नमूने और 1,996 मल के नमूने लिए। इससे पहले प्रतिभागियों ने माइग्रेन से जुड़े सर्वेक्षण में खुद के पीडि़त होने या नहीं होने की जानकारी दी थी।
जीवाणुओं के जीन अनुक्रमण में पाया कि माइग्रेन से पीडि़त और गैर माइग्रेन वाले लोगों में इनकी मात्रा अलग-अलग थी। पीडि़त लोगों में जीवाणुओं की संख्या ज्यादा थी। यह अध्ययन 'एमसिस्टम्स' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

माइग्रेन की बीमारी से बचाव 

1. माइग्रेन होने पर सिर पर हल्के हाथों से मालिश करें।


2. जब सिरदर्द शुरू हो जाए तो अपने सिर के साथ-साथ कंधे और गले की भी मालिश करें।


3. सिरदर्द होने पर एक तौलिये को गर्म पानी में डुबा लें और उसे दर्द वाले हिस्सों पर मालिश करें।


4. जब सिरदर्द ज्यादा बढ़ जाए तो सांस लेने की गति को थोड़ा धीमा कर दीजिए इससे आपको दर्द के कारण हो रही बेचैनी से राहत मिलेगी।


5. कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से मालिश करने से माइग्रेन के कारण होने वाले दर्द में राहत मिलती है।

6. माइग्रेन से छुटकारा पाने में बटर के साथ मिश्री मिलाकर खाना भी बहुत असरदार होता है।


7. जैसे ही आपको माइग्रेन का दर्द शुरू हो, आप नींबू के छिलके को पीस लें और इस लेप को माथे पर लगा लें। जल्द ही असर दिखेगा।


8. माइग्रेन में अरोमा थेरेपी भी बहुत कारगर साबित होती है। इस थेरेपी में हर्बल तेलों का प्रयोग किया जाता है जिसे एक तकनीक की मदद से पूरी हवा में फैला दिया जाता है और फिर उसे भांप बनाकर चेहरे पर डाला जाता है।


9. जब भी आपको माइग्रेन का दर्द शुरू हो, आप धीमी आवाज़ में अपने पसंदीदा म्यूज़िक सुनें, दर्द से राहत मिलेगी।


10. इन सब चीज़ों के साथ-साथ अपने खान-पान और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाएं क्योंकि तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी ही माइग्रेन की जड़ है।