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5 Tips Only That Can helps in weight loss | Diet Tips for weight loss - Healthbazz


वजन कम करने के लिए कुछ लोग क्रैश डाइटिंग (जरूरत से काफी कम खाना) आजमाते हैं, लेकिन यह स्थिति स्थाई नहीं रहती। ऐसे लोग जैसे ही प्रॉपर डाइट लेना शुरू करते हैं, उनका वजन फिर से बढ़ने लगता है। होना तो यह चाहिए कि अगर आपने इच्छित वजन घटा लिया है तो फिर आपका वजन वहां जाकर स्थिर हो जाना चाहिए। अब यह कैसे संभव है? इसके लिए केवल डाइटिंग नहीं, बल्कि डाइट में न्यूट्रिशन, वैराइटी और बैलेंसिंग जरूरी है। 
Healthbazz बता रहा हैं हैं कि वजन कम करने के लिए बेहतर डाइट प्लान कैसा हो सकता है: 


1. अलग-अलग फूड हों : एक ही समूह पर फोकस करने के बजाय अपनी डाइट में अलग-अलग समूहों के विविधता से भरे फूड शामिल करने चाहिए। यहां अलग-अलग समूहों से मतलब है प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट इत्यादि के वैराइटी वाले फूड्स। साथ ही मोटे अनाज और सब्जियां भी इस डाइट में होनी चाहिए।

2अधिक प्रोटीन हों : भारतीय भोजन में प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट और फैट ज्यादा होते हैं। कोशिश करें कि डाइट में एक बड़ा हिस्सा प्रोटीन का हो। प्रोटीन पचने और रक्तवाहिनियों में अवशोषित होने में ज्यादा वक्त लेता है। इससे कैलोरी की खपत भी ज्यादा होती है। कैलोरी की ज्यादा खपत का मतलब होगा ज्यादा वेट लॉस होना। 
3ज्यादा फाइबरयुक्त चीजें हों : अपनी रोज की डाइट में कम से कम 30 से 35 ग्राम फाइबर जरूर होना चाहिए। मोटा अनाज, चिया सीड्स और फाइबरयुक्त सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकोली, फ्रेंच बीन्स (बरबट्टी), गाजर, खीरा, कई तरह के फलों जैसे अनार, सेवफल, चीकू इत्यादि में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होते हैं। 
4. एक दिन डिटॉक्स डाइट लें : अपने डाइट प्लान में हफ्ते में एक दिन डिटॉक्सिंग भी जरूर शामिल करें। डिटॉक्सिंग से शरीर में जमा जहरीले रसायन दूर हो जाते हैं। वेट लॉस के लिए इन जहरीले रसायनों को शरीर से हटाना जरूरी है। डिटाक्स के लिए त्रिफला के पानी का इस्तेमाल करें। यह आपके हॉर्मोन्स को बैलेंस करने का काम भी करता है। इससे वजन कम करने मदद मिलती है।
5. नमक-शक्कर लिमिटेड हो : अपनी डेली डाइट में नमक का इस्तेमाल बहुत कम कर दें। नमक के कारण शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है जो मोटापे का एक प्रमुख कारण होता है। रोजाना 2 ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन न करें। शक्कर की मात्रा भी सीमित करें। रुटीन लाइफ में इसका इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देंगे तो वजन में तेजी से कमी आएगी। 

अगले पोस्ट में हम आपके लिए अनेक पोस्ट लाएंगे जो की आपकी वजन को कम करने में मदद करेंगे 

लहसुन खाने के फायदे - Lahsun khane ke Fayde

लहसुन की एक कली खाये खाली पेट 

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पुरुष अगर रोज सुबह खालीपेट लहसुन की एक कली खाते हैं तो इससे कई बीमारियों के इलाज में मदद मिलती है। दरअसल लहसुन में एलिसिन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। यह कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचाने में मदद करते हैं। लहसुन में सेलेनियम होता है। जब यह बॉडी में जाता है तो इससे पुुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। इससे सांस और मुंह की बदबू दूर होती है। राजस्थान आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण दधीचबता रहे हैं पुरुषों के लिए लहसुन के 7 फायदे।
लहसुन में मौजूद प्रोटीन से बॉडी टोंड होती है। लहसुन में कार्बोहाइड्रेट्स होत हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं। इससे कमजोरी दूर होती है। बॉडी को एनर्जी मिलती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसमें मौजूद एलिसिन से फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होती है। इससे वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। लहसुन में मौजूद फाइबर्स कब्ज और पेट दर्द की प्रॉब्लम दूर करते हैं।

1. लहसुन में सेलेनियम होता हैं यह इन्फ़टिलिटी से बचाता हैं 
2. इसमें एंटी बैक्टेरियल प्रोपर्टीस होती हैं इससे सांस और मुहं की बदबू दूर होती हैं महिलाएं पुरषों की और अट्रेक्ट होती हैं 
3. लहसुन में प्रोटीन होता हैं इससे मसल्स तोंड  होती हैं 
4. इसमें कार्बोहाइड्रेटस होते हैं इससे कमजोरी दूर होती हैं बॉडी को एनर्जी मिलती हैं |
5. लहसुन में कैल्सियम होता हैं इससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं 
6. इसमें मौजूद एलीसिन से फैट बर्निंग की प्रोसेस तेज होती हैं इससे वजन कण्ट्रोल रहता हैं 

सर्दी जुकाम से बचने के 6 नए उपाय in Hindi



सर्दी जुकाम होने पर अपनाए ये 7 टिप्स मिलेगा तुरंत आराम

सर्दी जुकाम होने पर हमारी सांस लेने वाली नली में परेशानी होने लगती है जिसके चलते हम रात को ठीक से सो भीनहीं पाते है

सर्दी के मौसम में सर्दी जुकाम होना आम बात है। सर्दी के मौसम में काफी लोग इनके शिकार होते है। सर्दी जुकाम होने पर हमारी सांस लेने वाली नली में परेशानी होने लगती है जिसके चलते हम रात को ठीक से सो भीनहीं पाते है। सर्दी जुकाम में बंद नाक और लगातार खांसी आने के कारण नींद बार-बार खुल जाती है। ऐसा सर्दी-जुकाम में फेफड़ों में हवा सही तरीके से नहीं पहुंच पाने के कारण होता है। अगर कोल्ड के कारण रात में आपकी नींद भी बार-बार टूटती है? कितनी ही देर बिस्तर पर लेटने के बाद भी नींद नहीं आती तो यहां दिये उपाय आपको बेहतर नींद पाने में मदद कर सकते हैं।

1. गरारे का इस्तेमाल करें  : संक्रमित गले या गले को नम करने के लिए गरारे एक बहुत ही शानदार तरीका है। सर्दी और फ्लू के लक्षणों को कम करने के लिए गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर दिन में चार बार गरारे करें। आप गरारे के पानी में शहद और सेब साइडर सिरका भी मिला सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे एक साल की कम उम्र के बच्चों पर इस नुस्खे को न अजमायें। ।

2. साइनस के आसपास गर्म या ठंडा पैक : सर्दी या फ्लू दोनों से लडऩे के लिए आप गर्म या ठंडे उपचार का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बंद साइनस के चारों ओर ठंडा या गर्म पैक लगाने से तापमान में परिवर्तन आने लगता है जिससे आपको बहुत आरामदायक महसूस होता है।


3. गर्म सूप का सेवन करें : गर्म सूप का एक बॉउल नाक और गले में सूजन को दूर करने में मदद करता है। गर्म तरल पदार्थ बंद नाक को खोलने और निर्जलीकरण को रोकने के लिए जाने जाते हैं। माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर में हुए एक अध्ययन के अनुसार, साइनस को साफ करने के लिए चिकन सूप विशेष रूप से लाभकारी होता है।

4. गर्म पानी से नहाये : सोने से पहले अपने शरीर को आराम देने के लिए आप गर्म पानी से नहा सकते है। गर्म पानी से आपकी बंद नाक तुरंत खुलेगी और आपको आराम मिलेगा। गर्म पानी नासिका मार्ग को नम करने के साथ-साथ आपको रिलेक्स भी कराता है। शॉवर की स्टीम और नमी साइनस को खुलने और नासिका मार्ग को संकुचित होने में मदद करती है। जिससे कोल्ड्ज के कारण बंद नाक की घुटन से राहत मिलती है


5. गर्म चाय भीफायदेमंद : अगर आप चाय पीते हैं तो यह तरीका भीट्राई कर सकते हैं क्योंकि यह आपके शरीर के लिए बहुत अच्छा  कर सकती है। यह फ्लू के लक्षणों को कम कर आपको चैन की नींद सोने में मदद करती है। हार्वर्ड के एक अध्ययन के अनुसार चाय पीना संक्रमण के खिलाफ शरीर की सुरक्षा को बढ़ाता है। चाय के रूप में आपको ग्रीन टी, पुदीने और अदरक की चाय पीनी चाहिये।

6. सिर के नीचे अधिक तकियों का इस्तेमाल : सर्दी जुकाम की समस्या होने पर रात को सोने के लिए आप एक से अधिक तकिए का उपयोग करें। यह नासिका मार्ग से आसानी से पानी निकलने में मदद करता है। सोने की स्थिति में मामूली सा झुकाव लाने से खून का प्रवाह सिर की ओर होने से वायु मार्ग की सूजन कम होने में मदद मिलती है। जिससे आपको सोने में कोई परेशानी नहीं होती।


 सोने की स्वस्थ आदतों का निर्धारण जब सर्दी के लक्षण आपकी नींद में खलल पैदा करते हैं तो नींद के लिए बुनियादी नियमों को निर्धारण करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए अपने सोने का समय निर्धारित करें और नियमित रूप से उसी समय पर बिस्तर पर जाये। साथ ही सोने से पहले कैफीनयुक्त कॉफी या शराब जैसे उत्तेजक पेय पदार्थों के सेवन से बचें। दूसरों उपायों की तरह नींद की स्वच्छ आदतें भी नींद के लिए कारगर उपाय है।

जुकाम के घरेलू उपचार
सर्दी जुकाम और खांसी
जुकाम का देसी इलाज
सर्दी जुकाम की दवा
बार बार जुकाम होना
बंद नाक खोलने के उपाय
सर्दी का इलाज

सर्दी घरगुती उपाय


हमारी और भी पोस्ट देखें  : 



मोटापे से बचने के उपाय

निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है



एक अध्ययन में पता चला है कि अच्छी नींद नहीं लेने वाले लोग अगले दिन 385 किलोकैलोरी की अतिरिक्त खपत कर रहे हैं। यानी वे ज्यादा वसायुक्त भोजन और प्रोटीन ले रहे हैं। इससे उनमें मोटापे का खतरा बढ़ रहा है। निष्कर्षों से पता चलता है कि बहुत कम नींद लेने से इसका शरीर के हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है। यह लोगों को ज्यादा खाने और पेट पूरा भरा महसूस करने के लिए प्रेरित कर रही है।


नींद की कमी सिरकेडिन लय या आंतरिक शरीर घड़ी को बाधित कर सकता है। इससे शरीर का लेप्टीन नियमन- 'संतुष्टि' हार्मोन और ग्रेलिन-'भूख' हार्मोन प्रभावित हो सकता है। किंग्स कॉलेज लंदन के प्रमुख शोधपत्र लेखक हया अल खतिब ने कहा, हमारे परिणाम नींद को आहार और व्यायाम के अलावा एक तीसरा संभावित कारक बताते हैं, जिससे वजन बढऩे को प्रभावी तौर पर नियोजित किया जा सकता है।
अध्ययन में पता चला कि आंशिक रूप से नींद लेने के परिणाम के तौर पर कुल ऊर्जा खपत में 385 किलोकैलोरी प्रतिदिन की वृद्धि हुई। किंग्स कॉलेज लंदन के ग्रेडा पोट ने कहा, यदि लंबे समय तक नींद की कमी बनी रही तो कैलोरी की खपत की मात्रा बढ़ जाती है। इससे वजन में भी बढ़ सकता है। इस शोधपत्र का प्रकाशन पत्रिका 'यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन' में किया गया है।

वायरल बुखार के लिए चावल के पानी के 10 फायदे



चावल का पानी बहुत ही फायदेमंद होता है जिसे पीने से कई बीमारियां ठीक होती है

चावल पकाने के बाद उसका पानी फेंकने की बजाए पिया जाए तो वो कई सारे फायदे करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चावल का पानी स्किन, बालों और हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चावल के इस पानी में भरपूर कार्बोहाइड्रेड्स और अमीनो एसिड्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी और कई बेनिफिट्स देने वाले हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चावल का पानी पीने से होने वाले फायदे...

कैसे बनाएं चावल का पानी
चावल का पानी बनाने के लिए चावल को धोकर थोड़ा ज्यादा पानी डालकर पकाएं। जब आपको लगे कि चावल पूरे पक चुके हैं तो उनमें बचे पानी को निकालकर अलग बर्तन में रख लें। इसे ठंडा होने पर यूज करें।

ये फायदे देता है चावल का पानी
- चावल के पानी में भरपूर काब्र्स होते हैं। इसे पीने से शरीर में एनर्जी आती और कमजोरी दूर होती है।
- रोज चावल के पानी से मुंह धोने पर कील-मुहासों, दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। स्किन भी सॉफ्ट बनेगी और चमक बढ़ेगी।
- चावल के पानी को बालों में शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की तरह यूज करें। इससे बाल झडऩे की समस्या से छुटकारा मिलते हुए बाल सॉफ्ट और सिल्की होंगे तथा जल्दी बढ़ेंगे।
- रोज रात को सोने से पहले कॉटन बॉल के जरिए चावल का पानी आंखों के आस-पास लगाएं। कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।
- चावल का पानी पीने से डाइजेशन सुधर कर कब्ज दूर होती है। क्योंकि इसमें फाइबर्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
- शरीर में पानी की कमी होने पर चावल का पानी पीएं। जल्द आराम मिलेगा।
- लूज मोशन होने पर चावल का पानी पीने से जल्द आराम मिलेगा।
- चावल के पानी में एंटीवायरल प्रोपर्टी होती है जिससें वायरल बुखार होने पर चावल का पानी पीएं आराम और ताकत मिलेगी।
- पेट में जलन होने पर चावल का पानी पीएं। इससें ठंडक मिलेगी।
- लगातार वोमेटिंग होने और चक्कर आने पर दिन में 2-3 बार 1 कप चावल का पानी पीने से जल्द राहत मिलेगी।

उबला हुआ दूध है सेहत के लिए नुकसानदायक


विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह उबाला गया दूध सेहत के लिहाज से उतना फायदेमंद नहीं होता



आमतौर पर हम दूध को उबाल आने तक गर्म करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह उबाला गया दूध सेहत के लिहाज से उतना फायदेमंद नहीं होता। इसके पूरा लाभ के लिए इसे पाश्च्युरीकृत करके पीना चाहिए।
वजह
दूध में केसीन एवं Whey दो तरह के प्रोटीनए विटामिन (ए, डी, ई, के) और कैल्शियम होते हैं। जब हम दूध को उबाल आने तक गर्म करते हैं तो इससे विटामिन और कैल्शियम की मात्रा नष्ट हो जाती है। साथ ही दोनों प्रोटीन अवस्था बदल लेते हैं। इससे दूध में इनका असर घट जाता है।
ऎसे करें पाश्च्युरीकृत
दूध निकलने के बाद उसे 72 डिग्री सेल्सियस पर करीब 15 सेकंड तक गर्म करना चाहिए यानी दूध में उबाल आने के कुछ मिनट पहले ही उसे उतार लें और तुरंत किसी ठंडे स्थान पर रखें। गर्म करके ठंडा कर देने से दूध पाश्च्युरीकृत हो जाता है। पाश्च्युरीकृत दूध में उसके पौष्टिक गुण तो रहते ही हैं, सूक्ष्माणु (जीवाणु-कीटाणु) भी नहीं पनपते।
ध्यान रहे
दूध निकाले जाने के बाद आधे घंटे तक ही सुरक्षित रहता है। उसके बाद उसमें तेजी से सूक्ष्माणु पनपने लगते हैं। इसलिए निकाले जाने के बाद दूध को जितनी जल्दी हो सके पाश्च्युरीकृत करना चाहिए। यदि किसी वजह से दूध को गर्म नहीं कर सकते हैं तो उसे फौरन किसी ठंडे स्थान पर रखें। इससे उसमें सूक्ष्माणु पनपने का खतरा कम हो जाएगा।
पनीर का पानी
पनीर बनाने के बाद अधिकतर लोग उसके पानी को फेंक देते हैंए ऎसा नहीं करना चाहिए। इस पानी में प्रचुर मात्रा में ष्वेष् प्रोटीन होता है। यह रोग प्रतिरोधक तंत्रए हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसे दो से तीन घंटे में प्रयोग कर लेना श्रेष्ठ होता है। अनेक देशों में इसे दवाएं बनाने के लिए काम में लिया जाता है।

चिकनगुनिया और डेंगू से बचाव के सॉलिड उपाय



चिकनगुनिया से बचाव
चिकनगुनिया से बचने के उपाय 
चिकनगुनिया से कैसे बचे
How to save to Chikangunia
How to save to Dengue


बाबा रामदेव के अनुसार गिलोय को कूटकर पीने से बॉडी का इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत हो जाता है

इन दिनों डेंगू और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में बाबा रामदेव द्वारा बताई गई आयुर्वेद की कुछ आसान टिप्स आपके बहुत काम की हो सकती है।
बाबा रामदेव के अनुसार गिलोय को कूटकर पीने से बॉडी का इम्यूनिटी सिस्टम इतना मजबूत हो जाता है कि उस पर सिर्फ डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया ही नहीं वरन किसी भी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होता। इसके लिए आप गिलोय का काढ़ा पी सकते हैं, या बाजार में गिलोय की टेबलेट्स भी मिलती है जो छोटे बच्चों को एक-एक और बड़ों को दो-दो खाने से डेंगू, चिकनगुनिया का असर तुरंत खत्म हो जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मौसम बदलते समय गिलोय का काढ़ा, पाउडर या गोली लेने से दूसरी छोटी-मोटी बीमारियां भी नहीं होती।


एक दिन में 25 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ा देता है गिलोय
इस बारे में बाबा रामदेव कहते हैं कि गिलोय का ताजा रस पीया जाए तो डेंगू में कम हो रही प्लेटलेट्स में तुरंत आराम मिलता है और एक ही दिन में 25 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ सकते हैं। साथ ही बीमारी से भी आराम मिलता है।

इन पांच चीजों के सेवन से तुरंत दूर होते हैं डेंगू और चिकनगुनिया
अगर किसी को डेंगू या चिकनगुनिया हो गया है तथा उसे दवाईयों के बाद भी आराम नहीं आ रहा है तो गिलोय, एलोवीरा, पपीता, अनार, गेंहू ज्वारा लेना चाहिए। लीवर अच्छा करने के लिए पपीते के पत्तों का रस और अनार का रस लें। प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए गिलोय और एलोवीरा लें। अनार से उल्टी बंद हो जाएंगी और लीवर फंक्शन एकदम अच्छा हो जाएगा। इन सबके साथ ही हीमोग्लोबिन कम होने लगता है और लीवर फंक्शन गड़बड़ होने लगता है तो उसमें गेंहू ज्वारा के पाउडर सेवन करें। इन टिप्स को काम में लेते ही आपको तुरंत असर दिखाई देगा और बीमार आदमी मौत के मुंह से भी वापस आ जाएगा।

क्या हैं बचाव और उपचार के तरीके:
चिकनगुनिया वायरस जनित बीमारी है और ये इंफेक्टेड Aedes मच्छरों के काटने से फैलता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचकर रहें. अपने आस-पास सफाई रखें. पूरे कपड़े पहनें और सतर्क रहें. होम्योपैथ में eupatperf 200 नाम की एक दवा है. ये दवा चिकनगुनिया होने की आशंका को कम करती है.
अस्पताल जाने की जरूरत नहीं, घर पर रहते हुए भी हो जाएंगे ठीक 
आमतौर पर लोगों को लगता है कि चिकनगुनिया हो जाने पर अस्पताल जाना ही एकमात्र उपाय है. लेकिन ऐसा नहीं है. डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी है लेकिन घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. जरूरत है तो सिर्फ थोड़ी सावधानी और जानकारी की.
क्या करना चाहिए... 
1. चिकनगुनिया की कोई स्पेसिफिक मेडिसीन उपलब्ध नहीं है. ऐसे में डॉक्टर की दी हुई दवा ही लें. खुद से इलाज करने से बचें और कोई भी दवा न खाएं. इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है.
2. घर पर रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें. इस दौरान आराम करना सबसे ज्यादा जरूरी है.
3. चिकनगुनिया में अक्सर लोगों को डी-हाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें. लिक्विड डाइट लेना भी फायदेमंद रहेगा.
4. अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए भी दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को उसके बारे में जरूर बताएं. एक साथ दो तरह की दवाइयां लेना खतरनाक भी हो सकता है.
5. उन चीजों को ज्यादा से ज्यादा लें जिनसे विटामिन सी मिले. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है.
6. बहुत अधिक ऑयली और स्पाइसी खाने से परहेज करें.
7. नारियल पानी और सब्ज‍ियों का सूप जरूर लें. इस दौरान शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, ऐसे में ये लिक्विड डाइट एनर्जी देने का काम करती है.
8. आइस पैक को तौलिए में लपेटकर जोड़ों पर रखें और हल्के हाथों से दबाएं. इससे दर्द में फायदा होगा.
यूं तो सही देखरेख के साथ घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से ठीक हुआ जा सकता है लेकिन बीमारी के दौरान डॉक्टर के संपर्क में जरूर रहें. अगर लगे की स्थिति संभलने के बजाय बिगड़ती ही जा रही है तो देर बिल्कुल न करें.
डेंगू से बचाव
डेंगू से बचने के उपाय 
डेंगू से कैसे बचे 
डेंगू से बचने के उपचार 

स्लिम बॉडी करने के उपाय

रोज एक चम्मच जीरे के सेवन से पा सकते है स्लिम बॉडी


रोज एक चम्मच जीरे के सेवन से आप पा सकते हैं कैटरीना कैफ जैसी 'जीरो फिगर, जानिए कैसे

जीरा, एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है। इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जीरे में मैंगनीज, लौह तत्व, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसे मेक्सीको, इंडिया और नार्थ अमरीका में बहुत उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे खासियत यह है कि यह वजन तेजी से कम करता है। इस लेख में विस्तार से जानिये कैसे जीरे के सेवन से कम होता है वजन।
वजन कम करना एक समस्या की तरह है।
जीरे का सेवन रोज करने से घटता है वजन।
यह फैट के अवशोषण को बाधित करता है।
जीरे के सेवन से पाचनतंत्र होता है दुरूस्त।
जीरा खाएं मोटापा घटाएं

वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि जीरा पाउडर, के सेवन से शरीर मे वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करनें में मदद मिलती है। एक बड़ा चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें।
इसके रोजाना सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी शरीर से बाहर निकल जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखे की इस चूर्ण को लेने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खाएंं।
भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरा समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें, इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है। इसके सेवन से न केवल शरीर से अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्कि शरीर में रक्त का परिसंचरण भी तेजी से होता है। और कोलेस्ट्रॉल भी घटता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
1) इस दवाई को लेने के बाद रात्रि में कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजें छोडऩे पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी। शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घंटे बाद दवाई लेनी है।
2) जीरा हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर हमें ऊर्जावान रखता है। साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी बढ़ता है। इससे ऊर्जा का स्?तर भी बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म का स्?तर भी तेज होता है। हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ फैट बर्न की गति को भी बढ़ाता है। पेट से सबंधित सभी तरह की समस्याओं में जीरे का सेवन लाभकारी है।
3) जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा कम करने के अलावा भी जीरा कई तरह की बीमारियों में लाभदायक है।

चेहरे के लिए केले के फायदे

केले के फायदे 



सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं

सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला व शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं
सर्दियों की ठंडी हवा के कारण त्वचा खुश्क और बेजान हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए कोको, केला और शहतूत के जादुई गुण बेहद कारगर हैं। यह कहना है विशेषज्ञों का।

वेसलीन की त्वचा विशेषज्ञ अपर्णा संथनम ने एक बयान में कहा, 'कोको बटर में मौजूद वसायुक्त अम्ल (फैटी एसिड) त्वचा के लचीलेपन और नमी को बनाए रखने के गुण को सुधारता है। यह हर प्रकार की त्वचा पर दैनिक उपयोग के लिए और साथ ही एक्जीमा जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बेहद प्रभावशाली है।'

संथनम ने कहा, 'दैनिक रूप से प्रयोग किए जाने पर कोको बटर एक मॉयश्चराइजर के तौर पर काम करता है। यह त्वचा के टेक्सचर को सुधारता है और उसे मुलायम बनाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 मौजूद हैं। ये सभी त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने और त्वचा पर मौजूद स्टे्रच मार्क्स और दाग-धब्बों को दूर करने के गुणों से भरपूर हैं।'

लक्मे सेलोन की राष्ट्रीय विशेषज्ञ दिशा मेहर ने कहा कि स्वस्थ त्वचा के लिए फल आधारित उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। खासतौर पर विटामिनों, पोटेशियम और आयरन से भरपूर सेब, केला और संतरा जैसे फल बेहद लाभदायक हैं। मेहर ने कहा, 'केला एक सर्वश्रेष्ठ मॉयश्चराइजर है और यह त्वचा को पोषण देने के लिए काफी फायदेमंद है।'

काया लिमिटेड की चिकित्सा सेवा, अनुसंधान और विकास की उपाध्यक्ष और प्रमुख संगीता वेलस्कर शहतूत के गुणों को त्वचा के लिए बेहद असरदार मानती हैं। उनके अनुसार शहतूत का सत्व सर्दियों के लिए बेहद असरदार है। यह त्वचा में नमी के संतुलन को बनाए रखता है और त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। शहतूत में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, सी, ई और के, फोलेट, थाइमिन जैसे कई पोषक तत्व समाए हैं। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट्स त्वचा में मौजूद मुक्त कणों को दूर करते हैं और उसे जवां बनाए रखते हैं।


लड़को के लिए केले के फायदे 
लड़कियों के लिए केले के फायदे 
केले के फायदे घरेलु उपाय 

चाय पीने के फायदे और नुकसान


दोस्तों आज की पोस्ट हम लोग बात करेंगे चाय पीने के फायदे और नुकसान की आज की पोस्ट बहुत इंपॉर्टेंट है. चाय भारतीय समाज का एक अभिन्न अंग बन चुकी है, सर्वे के अनुसार पाया गया है लगभग 90% भारतीय बिना नागा किए चाय पीने के आदी होते हैं. इनमें से लगभग 25% लोग दिन भर में 2 बार से लेकर चार या पांच बार तक चाय का सेवन कर लेते हैं क्या आप जानते हैं यह अच्छी आदत है या नहीं इसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें.

चाय पीने के फायदे और नुकसान, और इससे होने वाले रोग

चाय पीने के फायदे और नुकसान इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अगर आप इसपर अमल करेंगे तो आप निश्चित रूप से बहुत फायदे में रहेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम भारतीयों को इस इस बीमारी की लत देखा देखी लगी है. चाय भारतीय देन नहीं है चाय अंग्रेज अपने साथ भारत में लाए थे. लेकिन उस वक़्त भारतीय लोगों ने सोचा के अंग्रेजों के इस महँगे शौक को हमें भी अपनाना चाहिए बस यहीं से भारतीय लोगों ने इस बीमारी को अपने गले लगा लिया और तब से लेकर आज तक ये चलन जारी है .
चाय हमारे मानव जीवन पर स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत खराब असर डालती है इसके सेवन से पाचनक्रिया तंत्र गढ़बढ़ा जाता है और यह तमाम पेट के रोगों के लिए भी जिम्मेदार है. इसलिए इस पोस्ट को आप अपने दोस्तों के बीच Facebook पर जरूर शेयर करें जिससे सभी लोग जागरुक हो जाए और चाय का सेवन बंद करें.

आधे सर का दर्द दूर करने के लिए घरेलू उपाय


दोस्तो ऐसा कई बार देखा गया है कुछ लोगों में आधे सर का दर्द होने की बहुत समस्या होती है. आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे के आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और यह किन कारणों से होता है. इस लेख को आप अंत तक पढ़े और अगर जानकारी उपयोगी लगे तो कृपया अपनी Facebook प्रोफाइल पर अपने दोस्तों के बीच इसको जरुर शेयर करें जिससे किसी दुखी भाई-बहन की मदद हो जाए इसके लिए वह आपको धन्यवाद तो देगा ही साथ में हिंदी भाषा का प्रचार भी हो जाएगा.

आधे सर का दर्द क्यों होता है और इसका इलाज कैसे करें

आधे सर का दर्द होने पर आपको बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता ,है यह रोग अधिकतर स्त्रियों में ज्यादा पाया जाता है कुछ लोग आधे सर के दर्द को आधाशीशी का दर्द या माइग्रेन (अंग्रेजी नाम) से भी उसको जाना जाता है नीचे हम आपको बता रहे हैं कि आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और इससे कैसे बचा जा सकता है.
कई बार माइग्रेन यानी के आधे सर में दर्द व्यक्तियों को दूसरे रोग होने की वजह से भी हो जाता है जैसे कि आपको नजला, जुखाम, या आपका शरीर किसी अन्य रोग से ग्रस्त हो जाना बुखार आ जाना या कब्ज़ होने की वजह से भी आधे सिर दर्द की शिकायत हो जाती है.

मोटापा कम करने के 10 आसान उपाय जिससे घटेगा आपका वजन जल्द ही





    मोटापा कम करने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। पैसा खर्च करते हैं और कई बार मूर्ख भी बना दिए जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है, कुछ घरेलू नुस्खे इस्तेमाल कर भी आप जल्दी वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही घरेलू और कारगर वजन घटान के 7 नुस्खों के बारे में-
लौकी- सब्जियों में लौकी बहुत कम लोगों की फैवरेट है, लेकिन जिन लोगों को वजन कम करना है उनके लिए यह बेस्ट सोर्स है। लौकी में फाइबर की मात्रा का अधिक होना अैर फैट नहीं होना इसकी खूबी है। और यही खूबी वजन कम करने में सहायता करती है। लौकी में 96 प्रतिशत पानी और 12 कैलोरी होती है। इसलिए इसे खाने से कम कैलोरी शरीर में जाती है और मोटापा छू हो जाता है।
साथ ही खीरा भी आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं क्योंकि इसमें भी पानी की मात्रा अधिक पाई जाती है। खीरे में 90 प्रतिशत पानी होता है। यह फैट को कम करता है।
नारियल पानी - प्रकृति का सबसे अनूठा ड्रिंक है नारियल पानी। यह हमारे मैटाबॉलिज्म को मजबूत करता है और इलैक्ट्रोलेट्स से भरा होता है। अल्सर और पेट की समस्याओं के अलावा वजन घटाने में भी यह कारगर है। शरीर मेें उत्पन्न होने वाले टॉक्सिन को भी नारियल पानी बाहर निकाल देता है। रोजाना एक से दो ग्लास नारियल पानी आपके शरीर में जबरदस्त बदलाव ला सकता है।
ब्लैक कॉफी और ग्रीन टी - रिसर्च बताते हैं कि ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी पीने से मोटापा कम होता है। हालांकि ब्लैक कॉफी को फायदेमंद बनाने के लिए इसमें शक्कर नहीं मिलानी चाहिए। इसे पीन से कुछ ही हफ्तों में वजन कम किया जा सकता है।
ग्रीन टी पीने से भी मोटापे को कम किया जा सकता है। रिसर्चकर्ताओं के मुताबिक ग्रीन टी मैटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसी के चलते वजन कम करने के लिए ग्रीन टी यूज करने की सलाह दी जाती है।
खूब पानी पीएं - पानी भी मोटापा घटाने में सहायक होता है। अगर आप खूब पानी पिते हैं तो इससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है और यह शरीर में मौजूद टॉक्सिन को मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है। ध्यान रखें खाने के ठीक बाद ज्यादा पानी नहीं पिएं।
ये सब्जियां भी असरकारक- लौकी के अलावा और भी ऐसी सब्जियां हैं जो मोटापे की दुश्मन कही जाती हैं। इनमें गोभी, गाजर और टमाटर शामिल हैं। मोटापा कम करने के लिए इन सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें।



  • मोटापा कम करना चाहते हैं तो इग्नोर करें स्नैक्स
  • मोटापा कम करने में सबसे ज्यादा कारगर है अंगूर
  • कम कैलोरी वाले भोजन के सेवन से कम नहीं होगा मोटापा
  • सिर्फ पानी पीकर भी घटाया जा सकता है वजन

  • मोटापा कम करना है तो खाइये किशमिश
  • भोजन से पहले मीठा खाने से घटेगा वजन
  • कंप्यूटर के इस्तेमाल से बढ़ सकता है मोटापा
  • पसीने की बदबू को रोकने के बेहतर उपाय

    पसीने की बदबू को रोकिये सेब से 




    गर्मी में अक्सर लोग पसीने की समस्या से परेशान रहते हैं। तेज गर्मी में शरीर से जमकर पसीना बहता है। लोग पसीने की बदबू और पसीने से होने वाली खुजली से परेशान हो जाते हैं। शरीर में पसीने से होने वाली खुजली लोगों को तकलीफ में डाल देती है। लोग इसके लिए तरह-तरह के डीयो, परफ्ीयूम व अन्य तरह की दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद भी पसीने से होने वाली समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है।
    पसीने में केमिकल युक्त प्रोडक्ट के इस्तेमाल से समस्याएं और ज्यादा जटिल हो जाती हैं। अगर आप भी त्वचा और सिर में खुजली की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप इससे राहत पाने के लिए सेब यानि एप्पल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह सेब से आप पसीने का समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
    ऐसे करें सेब का इस्तेमाल
    सेब के सिरके का इस्तेमाल त्वचा और सिर में होने वाली खुजली के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसमें साइट्रिक एसिड होता है, जो नेचर में एसिडिक है, जिस वजह से ये बैक्टीरिया को फैलने से रोकने में सहायक है। इतना ही नहीं ये अत्यधिक पसीने के कारण बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण को फैलने से रोकता है। ये सिर में पीएच लेवल का संतुलन बनाए रखने और कीटाणुओं को नष्ट करने में सहायक है। सेब के सिरके से पीले दांत, डैंड्रफ, स्मेली अंडरआर्म्स और यहां तक कि वजन कम करने में आदि में किया जाता है।
    पसीने से त्वचा में होन वाली समस्या
    थोड़े से पानी कुछ बूंदें सेब के सिरके की मिलाकर अच्छी तरह मिला लें और कॉटन की जरिये इस मिश्रण को खुजली वाले स्थान पर लगायें। अगर आपके पूरे शरीर में खुजली महसूस हो रही है, तो आप अपनी नहाने की बाल्टी में एक सिरका डालकर नहा सकते हैं।
    सिर में होने वाली समस्या का समाधान
    पसीने से सिर में होने वाली समस्या के समाधान के लिए पहले अपने सिर को धो लें और सूखने दें। अब 5 मिलीलीटर सिरका और पानी एक स्प्रे बोतल में डाल लें। इसे अपने सिर पर स्प्रे करें और 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद इसे शैम्पू से धो लें। बेहतर परिणाम के हर दूसरे दिन इस क्रिया को दोहराएं।


    गर्मियों में पसीना आना आम बात है। पसीने की दुर्गन्ध के चलते आपको कई बार अपने दोस्तों के बीच शर्मिन्दा होना पड़ता है, जिससे आप में हीन भावना आने लगती है, लेकिन कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।

     नींबू भी आपकी पसीने की बदबू को मिटाता है। ये आपकी स्किन के पीएच लेवल को कम करता है, जिससे पसीने में बैक्टिरिया नहीं पनपते और दुर्गध नहीं आती है। इसके लिए नींबू को काटकर उसके आधे भाग को अंडरआर्म्स में रगड़े। इसके अलावा नींबू के रस को कॉटन में लेकर भी इसे अंडरआर्म्स में लगा सकते हैं।

    नीम की पत्तियां: नीम की पत्तियां पसीने की दुर्गन्ध से लड़ने में बहुत कारगर होती है। दुर्गन्ध के साथ-साथ ये बैक्टिरिया भी खत्म करती है। इसके लिए कुछ नीम की पत्तियां लेकर उन्हें उबालें और उस पानी को छानकर अपने नहाने के पानी में मिला लें। इस पानी से नहाने से पसीने की बदबू की समस्या से राहत मिलती हैं।

    बैकिंग सोडा: पसीने की दुर्गन्ध मिटाने के लिए अंडरआर्म्स में बैकिंग सोडा लगाएं। ये अंडरआर्म्स से सभी दूषित पदार्थो को सोखकर क्लीन कर देता है। इससे बॉडी ऑर्डर की समस्या से निजात मिलती है।
    पुदिना: पुदिने की कुछ पत्तियों को उबालें। फिर पत्तियों को छानकर उस पानी को अपने नहाने के पानी में मिला लें। इससे पसीने की समस्या से निजात मिलती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।

    कैफीन आधारित यौगिक से पार्किंसन से बचाव




    कनाडा के शोधकर्ताओं ने कैफीन आधारित दो यौगिक विकसित किए हैं, जो पार्किंसन बीमारी से रक्षा करते हैं। पार्किंसन की बीमारी तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है, जिसके कारण शरीर में कंपकंपी होती है, मांसपेशियों में जकडऩ आ जाती है तथा सामान्य शारीरिक गतिविधियों में भी गड़बड़ी पैदा हो जाती है। सामान्यत: यह बीमारी मध्य आयु या बुढ़ापे में होती है।
    यह बीमारी मस्तिष्क कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) की कमी से होती है, जो डोपेमाइन का उत्पादन करती हैं। डोपेमाइन न्यूरॉन्स को आपस में संपर्क करने के लिए एक जरूरी न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में काम करता है। सस्केचेवान विश्वविद्यालय के शोध दल ने अल्फा-सिनुक्लिन (एएस) प्रोटीन पर ध्यान केंद्रित किया, जो डोपेमाइन का विनियमन करती है।
    पार्किंसन रोग के शिकार लोगों में एएस मिसफोल्ड (प्रोटीन की असामान्य जैविक प्रकिया) होकर एक सघन संरचना में बदल जाता है, जो डोपेमाइन का उत्पादन करनेवाले न्यूरॉन्स को नष्ट करने लगता है। सस्केचेवान विश्वविद्यालय के शोध दल के प्रमुख शोधार्थियों में से एक जेरेमी ली का कहना है, वर्तमान चिकित्सकीय यौगिकों में जिंदा बचे कोशिकाओं से डोपेमाइन के उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन यह तभी तक प्रभावी है जब तक इस काम को करने के लिए कोशिकाओं की पर्याप्त संख्या जीवित हो।
    ली ने आगे कहा, हमारा दृष्टिकोण डोपेमाइन का उत्पादन करनेवाली कोशिकाओं के एएस को मिसफोल्ड होने से रोकना है। हालांकि इस प्रक्रिया को रोकना एक बड़ी रासायनिक चुनौती है। लेकिन ली ने कहा कि उनके दल ने 30 अलग-अलग दवाइयों को विकसित कर लिया है, जो इस काम को कर सकती हैं। यह अध्ययन एसीएस केमिकल न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

    इन 6 चीजों को दोबारा गर्म करके खाने से हो सकता है कैंसर


    खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म
    करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं,
    कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है...

    हम सभी के घरों में ऐसा होता है कि हम एक वक्त के खाने को दूसरे वक्त गर्म करके खा लेते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरत हो सकती है कि हर खाने को गर्म नहीं करना चाहिए। खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं। कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें गर्म करने पर उनमें मौजूद प्रोटीन खत्म हो जाता है और उसमें मौजूद कुछ तत्व कैंसर के कारकों में बदल जाते हैं।
    आइए जानें, ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जिन्‍हें दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए...
    1. चिकन
    चिकन को दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक हो सकता है। दोबारा गर्म करने के बाद इसमें मौजूद प्रोटीन कॉम्पोजिशन बदल जाता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
    2. आलू
    आलू स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लेकिन अगर इन्हें बनाकर बहुत अधिक देर तक रख दिया जाए तो इनमें मौजूद पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। इसे दोबारा गर्म करके खाने से पाचन क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    3. चुकंदर
    चुकंदर को कभी भी दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से इसमें मौजूद नाइट्रेट समाप्त हो जाता है। अगर चुकंदर ज्यादा बन भी गया है तो इसे फ्रिज में रख दें और अगली बार खाने से कुछ घंटे पहले बाहर निकालकर रख दें और बिना गर्म किए खाएं।

    4. मशरूम
    कोशिश की जानी चाहिए कि मशरूम हमेशा फ्रेश ही खाए जाएं। ये प्रोटीन का खजाना होता है, लेकिन दोबारा गर्म करके खाने से इसके प्रोटीन का कॉम्पोजिशन बदल जाता है और ये हानिकारक हो सकता है।
    5. अंडा
    अंडे को दोबारा गर्म करके खाना हमेशा नुकसानदेह होता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन दोबारा गर्म करने के बाद विषाक्त हो जाता है।
    6. पालक
    पालक को दोबारा गर्म करके खाना कैंसर का कारण भी हो सकता है। इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट दोबारा गर्म करने के बाद कुछ ऐसे तत्वों में बदल जाते हैं जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

    खून की कमी दूर करने के अनोखे उपाय


    बॉडी में खून की कमी है तो जीरा और काली मिर्च वाला दूध जरूर पीएं

    बॉडी के लिए दूध अपने आप में वैसे ही बहुत फायदेमंद है लेकिन यदि इसमें जीरा और काली मिर्च मिलाकर पीया जाए तो और भी ज्यादा फायदे वाला हो जाता है। जीरा और काली मिर्च वाले दूध में न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो रेड ब्लड सेल्स को हेल्दी बनाकर खून की कमी से बचाते हैं।
    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध डाइजेशन सुधारकर पेट दर्द की समस्या दूर करता है।

    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध दिमाग से स्ट्रेस दूर कर उसें रिलेक्स करता है। इससे सिरदर्द की समस्या दूर होती है।

    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध शरीर में इम्युनिटी बढ़ाता है जिससें सर्दी-जुकाम और बुखार में आराम मिलता है।

    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध पीने से बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से होता है। जिससे मसल्स ऐंठन दूर होती है बॉडी पेन कम होता है।
    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध शरीर से वेस्ट बाहर निकालने का काम करता है। यह पूरी बॉडी को डिटॉक्स कर कई बीमारियों से बचाता है।
    - जीरा और काली मिर्च वाला दूध डाइजेशन मजबूत होता है तथा कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

    रंग गोरा करने के तरीके और भी 10 फायदे



    नमक के पानी से नहाने पर रंग गोरा होने समेत हड्डियों का दर्द भी कम होता है


    नमक ज्यादातर सिर्फ खाने में ही काम में लिया जाता है। लेकिन यदि इसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं तो यह रंग गोरा करने समेत कइ तरह के फायदे भी करता है। नमक में मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम जैसे मिनरल्स होते हैं जो शरीर को इन्फेक्शन से बचाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं नमक के पानी से नहाने पर होने वाले फायदों के बारे में...
    - नमक के पानी से नहाने पर रंग गोरा होता है। यह स्किन की डेड सेल्स को निकाल देता है तथा स्किन को सॉफ्ट और चमकदार बनाकर रंग निखारता है।
    - नमक के पानी से नहाने पर हड्डियों के दर्द में राहत मिलती है। रोज नमक के पानी से नहाने पर ज्वॉइंट पेन की समस्या भी दूर होती है।
    - नमक के पानी से नहाने से ब्लउ सर्कुलेशन सही रहता है तथा इससे ब्रेन फंक्शंस बेहतर होते हैं। तनाव दूर होकर दिमाग को शांति मिलती है।
    - नमक के पानी से नहाने से मसल्स को आराम मिलता है तथा मसल्स पेन से राहत मिलती है।
    - नमक के पानी में भरपूर मग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम जैसे खनिज-लवण होते हैं। ये स्किन की तह तक जाकर सफाई करते हैं जिससें स्किन में इन्फेक्शन का खतरा टलता है।
    - नमक के पानी से नहाने पर स्किन मॉइश्चराइज होती है। इससे स्किन सेल्स की अच्छी ग्रोथ होने के साथ ही वो हेल्दी भी बनती है। इससे स्किन के दाग और झुर्रियां भी दूर होती है।
    - नमक के पानी में मौजूद तत्व स्किन की फंगस को हटा देते हैं तथा डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं।
    - नमक के पानी से नहाने पर थकान और स्ट्रेस दूर होते हैं। दिमाग को शांति मिलती है तथा रात को अच्छी नींद आती है।
    - नमक के पानी से नहाने पर बालों के बैक्टीरिया खत्म होते हैं तथा बाल हेल्दी और चमकदार होते हैं।
    - नमक के पानी में मौजूद तत्व शरीर का ऑयल लेवल कंट्रोल करते हैं। यह शरीर में एसिडिटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

    यदि आप नाई से मसाज कराते है तो अब सावधान हो जाइये



    अक्सर लोग मसाज कराने के लिए नाई के दुकान पर जाते है,
    नाई सिर की तो मसाज कर देता है, लेकिन इससे आपके शरीर
    पर पडऩे वाला बुरा प्रभाव आपकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है... 

    थकान या सिरदर्द के कारण अक्सर लोग मसाज कराने के लिए नाई के दुकान पर जाते है। नाई सिर की तो मसाज कर देता है, लेकिन इससे आपके शरीर पर पडऩे वाला बुरा प्रभाव आपकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। ऐसा एक वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
    40 साल के व्यापारी बाबू रेड्डी के साथ नाई के दुकान पर मसाज कराते वक्त ऐसी घटना हुई, जिससे उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। नाई से गर्दन चटकवाते वक्त उनकी गर्दन से अचानक से आवाज आई। इसके बाद बिल्कुल आसन्न अवस्था में चले गए। नाई के दुकान से ही बाबू को अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने सोचा था कि आराम महसूस होगा लेकिन उन्हें वर्टेब्रा-बॉयलर स्ट्रोक पड़ गया।
    इस वाकये के बारे में बाबू रेड्डी बताते हैं कि गर्दन से चट्ट की आवाज आई, उन्हें लगा कि मसाज सफल हो गई है। लेकिन घर आते ही वह असहज महसूस करने लगे और थोड़ी देर बार सीधे चल भी नहीं पाए। उन्हें अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। उनकी सांसें अनियमित थीं और ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। डॉक्टरों को बाबू रेड्डी को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।
    बाबू का इलाज करने वाले डॉक्टर बताते हैं कि एमआरआई करवाने पर पता चला कि उनकी धमनी में खून की सप्लाई रुक गई है और उनको वर्टेब्रा-बॉयलर स्ट्रोक पड़ गया है। जांच में पता चला कि बाबू रेड्डी नियमित तौर पर नाई से गर्दन और सिर की मसाज करवाने के आदी हैं। डॉक्टर का कहना है कि अगर वक्त पर उनका इलाज नहीं किया जाता तो उनकी स्थिति और बिगड़ सकती थी। दरअसल जिस नाई ने बाबू रेड्डी की मसाज की थी वह अच्छी तरह से ट्रेंड नहीं था। यह एक न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्या है।
    क्या है व्ही-बॉयलर स्ट्रोक?
    यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी हो सकती है यह समस्या गलत तरीके से बैठने से होने लगती है। गर्दन और सिर की नियमित मसाज कराने से स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है।

    शरीर की सूजन दूर करने के 14 बेहतर उपाय



    सूजन शरीर के जिस हिस्से में होती है, वह जगह पिलपिली-सी हो जाती है और हाथ से दबाने पर गड्डा-सा बनने लगता है। सूजन के मुख्य लक्षण में रोगी की त्वचा शुष्क हो जाती है। कमजोरी, प्यास अधिक लगना, बुखार आदि का होना है। सूजन कोई अपने आप में बीमारी नहीं है। किसी दूसरी बीमारी की वजह से भी शरीर में सूजन हो सकती है। दिल की बीमारी में सूजन जांघों और हाथों पर होती है। लीवर की समस्या में सूजन पेट पर होती है। गुर्दे की बीमारी में सूजन चेहरे पर होती है। इसके अलावा महिलाओं के मासिक धर्म की समस्या में मुंह, हाथ और पैरों पर सूजन होती है।

    ये हैं सूजन के 16 घरेलू उपचार...

    1. एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी का चूर्ण और पिसी हुई मिश्री को घोलकर रोज पीने से सूजन दो-तीन दिनों में खत्म हो जाती है। लेकिन सूजन बंद होने या कम होने की स्थिति में इस उपाय को बंद नहीं करें। कम से कम छह माह इस उपाया को जरूर करें, ताकि आपको फिर सूजन की शिकायत न हो।
    2. एक लीटर पानी में एक कप जौं को उबाल लें और फिर इसे ठंडा करके पीते रहने से सूजन घटने लगती है। इस उपाय को भी नियमित रूप से करें।
    3. 350 ग्राम सरसों के तेल में 120 ग्राम लाल मिर्च के चूर्ण को मिलाकर इसे आंच पर गर्म करें। और उबलने के बाद इसे छान लें और सूजन वाली जगह पर इसका लेप लगाएं। ऐसा करने से सूजन ठीक हो जाती है।
    4. पुराने गुड़ के साथ दस ग्राम सौंठ को मिलाकर खाते रहने से कुछ ही दिनों में सूजन की समस्या ठीक हो जाती है।
    5. नमक को गर्म पानी में डालकर सूजन वाली जगह पर कपड़े से सिकाई करने से सूजन ठीक हो जाती है।
    6. अनानास का सेवन करने के बाद दूध पीते रहने से सूजन खत्म होने के साथ उतर भी जाती है। लेकिन यह उपाय आपको लंबे समय तक करना होगा।
    7. अंजीर के रस के साथ जौ को बारीक पिसें आटे को मिलाकर पीते रहने से सूजन आसानी से दूर हो जाती है
    8. खजूर और केला भी सूजन को खत्म करते हैं। इसलिए खजूर और केला नियमित खाते रहने से थोड़े ही दिनों में सूजन उतर जाती है।
    9. गोबर के उपले को जलकार बने चूर्ण का लेप तेल के साथ मिलाकर सूजन वाली जगह पर लगाने से सूजन ठीक हो जाती है।
    10. पानी में गेहूं के दानों को उबाल लें और इस पानी से सूजन वाली जगह को धोने से कुछ ही दिनों में सूजन उतर जाती है ।



    11. तरबूज के बीजों को छाया में सुखा लें और इन्हें पीस लें। इसके बाद एक कप पानी में तीन चम्मच तरबूज के घिसे बीजों को मिलाकर एक घंटे के लिए भिगो लें और फिर इसे छानकर पीते रहने से सूजन कम होकर उतर जाती है। इसका सेवन दिन में चार बार करें। आपको जल्दी फायदा मिलेगा।
    12. 400 ग्राम पानी में 200 ग्राम कच्चे आलू को काटकर आंच में उबालें और इससे सूजन पर सेंक करें। आलू के टुकड़ों का लेप करने से सूजन जल्दी उतर जाती है।

    13. एक गिलास पानी में दो चम्मच गाजर के बीजों को आंच में उबालें। और फिर इसे ठंडा करके पीएं। इस उपाय को रोज करने से सूजन बहुत ही तेजी से खत्म हो जाती है।

    14. मक्खन में काली मिर्च के चूर्ण को डालकर अच्छे से मिलाकर खाते रहने से थोड़े ही दिनों में बच्चों की सूजन खत्म हो जाती है।
    क्लाइमैक्स: सूजन कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। यदि आप इन आयुवेर्दिक उपचारों को नियमित करते हो, तो आप सूजन की समस्या से आसानी से बच सकते हो।

    ज्यादा गरम चाय पीने से होती है ये जानलेबा बीमारी




    एक अमेरिकी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा...ज्यादा गरम चाय आपकी जान तक ले सकती है...


    चाय को लेकर हाल ही एक रिसर्च की गई। यह रिसर्च अमेरिकी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट के नतीजे पर जाएं, तो पाएंगे कि ज्यादा गरम चाय पीने से ऐसी जानलेवा बीमारी हो जाती है कि इससे इंसान का बचना नामुमकिन हो जाता है। लिहाजा, रिपोर्ट में उन लोगों को सावधान किया गया है या यूं कहें कि एक तरह से चेतावनी दी गई है कि यदि आपने ज्यादा गरम चाय पी, तो इसके नतीजे बेहद गंभीर हो सकते हैं। दरअसल, ज्यादातर लोगों को ज्यादा से ज्यादा गरम चाय पीने की आदत होती है। ऐसे लोगों के लिए यह रिसर्च सावधान करती है कि यदि आप बहुत ज्यादा गरम चाय पीने की शौकीन हैं, तो अपनी इस आदत पर तुरंत ब्रेक लगाएं।
    हम आपको बता दें कि अमेरिका में हुई एक शोध के मुताबिक, अधिक गरम
    चाय पीने से गले का कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। एक अमेरिकी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा गरम चाय पीने से खाने की नली का या गले का कैंसर होने का खतरा आठ गुना तक बढ़ जाता है।





    गौरतलब है कि ईरान में चाय बहुत अधिक पी जाती है। वहां जो लोग मादक पदार्थों का सेवन नहीं करते थे, उनमें भी जब इसोफेगल कैंसर की शिकायत पाई गई, तो रिसर्च के दौरान यह सच सामने आया कि अधिक गरम चाय गले के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाती है।




    आंच से चाय उतारने के दो मिनट के अंदर चाय पीने वालों को कैंसर का खतरा उन लोगों के मुकाबले पांच गुना बढ़ जाता है, जो चार-पांच मिनट के बाद पीते हैं। यह शोध करीब पचास हजार लोगों की चाय के तापमान पर हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप अपने को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो चाय को थोड़ा ठंडा करके ही पीएं।

    Losses of Hot Tea

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