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वायरल बुखार के लिए चावल के पानी के 10 फायदे



चावल का पानी बहुत ही फायदेमंद होता है जिसे पीने से कई बीमारियां ठीक होती है

चावल पकाने के बाद उसका पानी फेंकने की बजाए पिया जाए तो वो कई सारे फायदे करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चावल का पानी स्किन, बालों और हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चावल के इस पानी में भरपूर कार्बोहाइड्रेड्स और अमीनो एसिड्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी और कई बेनिफिट्स देने वाले हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चावल का पानी पीने से होने वाले फायदे...

कैसे बनाएं चावल का पानी
चावल का पानी बनाने के लिए चावल को धोकर थोड़ा ज्यादा पानी डालकर पकाएं। जब आपको लगे कि चावल पूरे पक चुके हैं तो उनमें बचे पानी को निकालकर अलग बर्तन में रख लें। इसे ठंडा होने पर यूज करें।

ये फायदे देता है चावल का पानी
- चावल के पानी में भरपूर काब्र्स होते हैं। इसे पीने से शरीर में एनर्जी आती और कमजोरी दूर होती है।
- रोज चावल के पानी से मुंह धोने पर कील-मुहासों, दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। स्किन भी सॉफ्ट बनेगी और चमक बढ़ेगी।
- चावल के पानी को बालों में शैम्पू करने के बाद कंडीशनर की तरह यूज करें। इससे बाल झडऩे की समस्या से छुटकारा मिलते हुए बाल सॉफ्ट और सिल्की होंगे तथा जल्दी बढ़ेंगे।
- रोज रात को सोने से पहले कॉटन बॉल के जरिए चावल का पानी आंखों के आस-पास लगाएं। कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।
- चावल का पानी पीने से डाइजेशन सुधर कर कब्ज दूर होती है। क्योंकि इसमें फाइबर्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
- शरीर में पानी की कमी होने पर चावल का पानी पीएं। जल्द आराम मिलेगा।
- लूज मोशन होने पर चावल का पानी पीने से जल्द आराम मिलेगा।
- चावल के पानी में एंटीवायरल प्रोपर्टी होती है जिससें वायरल बुखार होने पर चावल का पानी पीएं आराम और ताकत मिलेगी।
- पेट में जलन होने पर चावल का पानी पीएं। इससें ठंडक मिलेगी।
- लगातार वोमेटिंग होने और चक्कर आने पर दिन में 2-3 बार 1 कप चावल का पानी पीने से जल्द राहत मिलेगी।

एक चुटकी नमक से कैसे करे घर की सफाई दिवाली में

घर की सफाई के लिए नमक के उपयोग 



नमक एक ऐसी चीज है जो हर घर में सबसे ज्यादा खाई जाती है। मगर क्या आप जानती हैं कि नमक से हम घर की कितनी सारी चीजे साफ और चमका सकते है?


नमक एक ऐसी चीज है जो हर घर में सबसे ज्यादा खाई जाती है। मगर क्या आप जानती हैं कि नमक से हम घर की कितनी सारी चीजे साफ और चमका सकते है? आप नमक के पानी का घोल बना कर उसमें सब्जियों को डुबो सकती हैं, जिससे उसमें छिपे कीट बाहर निकल कर आ जाएंगें। घर का नमक बड़े ही काम की चीज है। आज हम आपको बताएंगे कि नमक से हम कैसे अपने कपड़ों तथा बरतनों को चमका सकते हैं। तो चलिए जानते हैं नमक के कुछ जोरदार प्रयोग।

  1. जींस धोन के लिए वॉशिंग मशीन में डिटर्जेंट के साथ एक कप नमक डालें। दस मिनट तक के लिए जींस धोएं। जींस की पुरानी चमक लौट आएगी।
  2. किचन का सिंक बहुत ज्यादा गंदा और ऑयली है तो उसे गर्म पानी में नमक मिलाकर साफ करें। सिंक फिर से चमक जाएगी।
  3. यदि हाथों से प्याज और लहसुन की गंध नहीं जा रही है तो सिरके और नमक को मिलाकर हाथ पर मसलें। बदबू चली जाएगी।
  4. नमक के पानी के घोल में चांदी के बर्तन या गहने भिगोकर रख दें। कुछ मिनट बाद इसे साफ पानी से धो लें। फिर से पुरानी चमक लौट आएगी।
  5. ओवन यदि बहुत ज्यादा ऑयली हो गया है तो इसे नमक के पानी से साफ करें। नमक का पानी डाल कपड़े से ओवन को रगडें।
  6. यदि कपड़ों और दरी पर वाइन या दाग लग गया है तो इसे नमक के पानी से साफ करें। कुछ मिनट में दाग गायब हो जाएंगे।
  7. कांच के गिलास को साफ करने के लिए नमक के पानी के घोल में 10 मिनट तक डुबोकर रखें। फिर उन्हें नींबू और साफ पानी से धो लें। गिलास चमक जाएंगे।
  8. कपड़े प्रेस करने वाली आयरन में यदि जंग लग गई है तो उसे नमक से साफ कर लें। जंग दूर हो जाएगी।

बालों को झड़ने से रोकने के एक से एक उपाय


अब तक कई लोगों पर आजमाया जा चुका है इस उपाय को और बेहद चमत्कारिक परिणाम देखने को मिले हैं...



आज की लाइफ स्टाइल ऐसी है कि हर किसी को बालों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसमें तेजी से झड़ते बालों की समस्या बेहद अहम है। जवानी में ही लोगों के सिर बाल गायब हो रहे हैं...। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि एक बार बाल झडऩे के बाद दोबारा आते नहीं...। लेकिन आयुर्वेद में इसका अचूक इलाज है। यू कहें कि सौ प्रतिशत कारगर है ये उपाय...। इस उपाय के करने से न सिर्फ 10 दिन के भीतर बाल झडऩे बंद हो जाते हैं, बल्कि 30 दिन के भीतर नए बाल आने भी शुरू हो जाते हैं। यदि आपको बाल झडऩे और नए बाल नहीं आने की समस्या है, तो इस उपाय को जरूर अपनाएं। इसके लिए क्या करना है, इसे बारे में हम आपको बता रहे हैं। दरअसल, इसके लिए आपको एक तेल बनाना है और उसे कैसे बनाना है तथा तेल का प्रयोग कैसे करना है, इसके बारे में ध्यान से पढ़ें और जो बातें कही गई हैं, उन्हें अमल में लाएं, तभी इस उपाय का सौ प्रतिशत लाभ मिलेगा।
बनाने की विधि...
कनेर के 60-70 ग्राम पत्ते (लाल या पीली दोनों में से कोई भी या दोनों ही एक साथ, ध्यान रहे कनेर के वृक्ष में एक पीला फूल फूलता है और दूसरा हल्का गुलाबी, लेकिन पेड़ एक जैसा होता है और पत्ते भी) तोड़ लाएं। पत्तों का अच्छी तरह से सूखे कपड़े से साफ कर लें ताकि पत्तों पर जो मिटटी-धूल जमा होती है वह निकल जाए...। इसके बाद सरसो, नारियल या जैतून में से कोई भी एक लीटर तेल लें। तेल में कनेर के पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़े करके डाल दें। इसके बाद तेल कों गरम करने को रख दें। जब सारे पत्ते जल कर काले पड़ जाएं, तो उन्हें निकाल कर फेंक दें और तेल को ठंडा कर के छान लें और किसी बोटल में भरकर रख लें।

ऐसे करें इस तेल का प्रयोग
रोज जहां जहां पर भी बाल नहीं हैं, वहां वहां थोड़ा सा तेल लेकर बस 2 मिनट मालिश करनी है। इसके बाद अगले दिन तक तेल का प्रयोग न करें। ये आप रात को सोते हुए भी लगा सकते हैं और दिन में काम पे जाने से पहले भी। इसके अलावा बाल झडऩे की स्थिति में आप इस तेल का प्रयोग बालों की जड़ पर करें। उंगलियों में तेल लेकर बालों के अंदर तक तेल लगाएं।
परिणाम...
बस एक महीने में आपको असर दिखना शुरू हो जाएगा। सिर्फ 10 दिन के अंदर अंदर बाल झडऩे बंद हो जाएंगे या बहुत ही कम और नए बाल भी एक महीने तक आने शुरू हो जाएंगे। इस उपाय को अब तक कई लोगों पर प्रयोग किया गया है और सच मानिए कि इसके चमत्कारिक परिणाम देखने को मिले। यह उपाय पूरी तरह से टेस्टेड है।

कृपया ध्यान दे...
पीले पत्ते वही लेकर आएं, जो पेड़ पर पककर पीले हो जाते हैं...। पीले होने के बाद वो थोड़ा लाल भी हो जाते हैं, वो भी ले सकते है।
चेतावनी...
कनेर के पोधे में जो रस होता है, वो बहुत ही जहरीला होता है, तो यह सिर्फ बाहरी प्रयोग के लिए है कोई गलती से भी इसे न खाए। यदि सिर में किसी तरह की चोट वगैरह है, तो उस स्थिति में इस तेल का प्रयोग कतई नहीं करें।

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how to stop hair loss

उबला हुआ दूध है सेहत के लिए नुकसानदायक


विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह उबाला गया दूध सेहत के लिहाज से उतना फायदेमंद नहीं होता



आमतौर पर हम दूध को उबाल आने तक गर्म करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह उबाला गया दूध सेहत के लिहाज से उतना फायदेमंद नहीं होता। इसके पूरा लाभ के लिए इसे पाश्च्युरीकृत करके पीना चाहिए।
वजह
दूध में केसीन एवं Whey दो तरह के प्रोटीनए विटामिन (ए, डी, ई, के) और कैल्शियम होते हैं। जब हम दूध को उबाल आने तक गर्म करते हैं तो इससे विटामिन और कैल्शियम की मात्रा नष्ट हो जाती है। साथ ही दोनों प्रोटीन अवस्था बदल लेते हैं। इससे दूध में इनका असर घट जाता है।
ऎसे करें पाश्च्युरीकृत
दूध निकलने के बाद उसे 72 डिग्री सेल्सियस पर करीब 15 सेकंड तक गर्म करना चाहिए यानी दूध में उबाल आने के कुछ मिनट पहले ही उसे उतार लें और तुरंत किसी ठंडे स्थान पर रखें। गर्म करके ठंडा कर देने से दूध पाश्च्युरीकृत हो जाता है। पाश्च्युरीकृत दूध में उसके पौष्टिक गुण तो रहते ही हैं, सूक्ष्माणु (जीवाणु-कीटाणु) भी नहीं पनपते।
ध्यान रहे
दूध निकाले जाने के बाद आधे घंटे तक ही सुरक्षित रहता है। उसके बाद उसमें तेजी से सूक्ष्माणु पनपने लगते हैं। इसलिए निकाले जाने के बाद दूध को जितनी जल्दी हो सके पाश्च्युरीकृत करना चाहिए। यदि किसी वजह से दूध को गर्म नहीं कर सकते हैं तो उसे फौरन किसी ठंडे स्थान पर रखें। इससे उसमें सूक्ष्माणु पनपने का खतरा कम हो जाएगा।
पनीर का पानी
पनीर बनाने के बाद अधिकतर लोग उसके पानी को फेंक देते हैंए ऎसा नहीं करना चाहिए। इस पानी में प्रचुर मात्रा में ष्वेष् प्रोटीन होता है। यह रोग प्रतिरोधक तंत्रए हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसे दो से तीन घंटे में प्रयोग कर लेना श्रेष्ठ होता है। अनेक देशों में इसे दवाएं बनाने के लिए काम में लिया जाता है।

चिकनगुनिया और डेंगू से बचाव के सॉलिड उपाय



चिकनगुनिया से बचाव
चिकनगुनिया से बचने के उपाय 
चिकनगुनिया से कैसे बचे
How to save to Chikangunia
How to save to Dengue


बाबा रामदेव के अनुसार गिलोय को कूटकर पीने से बॉडी का इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत हो जाता है

इन दिनों डेंगू और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में बाबा रामदेव द्वारा बताई गई आयुर्वेद की कुछ आसान टिप्स आपके बहुत काम की हो सकती है।
बाबा रामदेव के अनुसार गिलोय को कूटकर पीने से बॉडी का इम्यूनिटी सिस्टम इतना मजबूत हो जाता है कि उस पर सिर्फ डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया ही नहीं वरन किसी भी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होता। इसके लिए आप गिलोय का काढ़ा पी सकते हैं, या बाजार में गिलोय की टेबलेट्स भी मिलती है जो छोटे बच्चों को एक-एक और बड़ों को दो-दो खाने से डेंगू, चिकनगुनिया का असर तुरंत खत्म हो जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मौसम बदलते समय गिलोय का काढ़ा, पाउडर या गोली लेने से दूसरी छोटी-मोटी बीमारियां भी नहीं होती।


एक दिन में 25 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ा देता है गिलोय
इस बारे में बाबा रामदेव कहते हैं कि गिलोय का ताजा रस पीया जाए तो डेंगू में कम हो रही प्लेटलेट्स में तुरंत आराम मिलता है और एक ही दिन में 25 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ सकते हैं। साथ ही बीमारी से भी आराम मिलता है।

इन पांच चीजों के सेवन से तुरंत दूर होते हैं डेंगू और चिकनगुनिया
अगर किसी को डेंगू या चिकनगुनिया हो गया है तथा उसे दवाईयों के बाद भी आराम नहीं आ रहा है तो गिलोय, एलोवीरा, पपीता, अनार, गेंहू ज्वारा लेना चाहिए। लीवर अच्छा करने के लिए पपीते के पत्तों का रस और अनार का रस लें। प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए गिलोय और एलोवीरा लें। अनार से उल्टी बंद हो जाएंगी और लीवर फंक्शन एकदम अच्छा हो जाएगा। इन सबके साथ ही हीमोग्लोबिन कम होने लगता है और लीवर फंक्शन गड़बड़ होने लगता है तो उसमें गेंहू ज्वारा के पाउडर सेवन करें। इन टिप्स को काम में लेते ही आपको तुरंत असर दिखाई देगा और बीमार आदमी मौत के मुंह से भी वापस आ जाएगा।

क्या हैं बचाव और उपचार के तरीके:
चिकनगुनिया वायरस जनित बीमारी है और ये इंफेक्टेड Aedes मच्छरों के काटने से फैलता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचकर रहें. अपने आस-पास सफाई रखें. पूरे कपड़े पहनें और सतर्क रहें. होम्योपैथ में eupatperf 200 नाम की एक दवा है. ये दवा चिकनगुनिया होने की आशंका को कम करती है.
अस्पताल जाने की जरूरत नहीं, घर पर रहते हुए भी हो जाएंगे ठीक 
आमतौर पर लोगों को लगता है कि चिकनगुनिया हो जाने पर अस्पताल जाना ही एकमात्र उपाय है. लेकिन ऐसा नहीं है. डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी है लेकिन घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. जरूरत है तो सिर्फ थोड़ी सावधानी और जानकारी की.
क्या करना चाहिए... 
1. चिकनगुनिया की कोई स्पेसिफिक मेडिसीन उपलब्ध नहीं है. ऐसे में डॉक्टर की दी हुई दवा ही लें. खुद से इलाज करने से बचें और कोई भी दवा न खाएं. इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है.
2. घर पर रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें. इस दौरान आराम करना सबसे ज्यादा जरूरी है.
3. चिकनगुनिया में अक्सर लोगों को डी-हाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें. लिक्विड डाइट लेना भी फायदेमंद रहेगा.
4. अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए भी दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को उसके बारे में जरूर बताएं. एक साथ दो तरह की दवाइयां लेना खतरनाक भी हो सकता है.
5. उन चीजों को ज्यादा से ज्यादा लें जिनसे विटामिन सी मिले. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है.
6. बहुत अधिक ऑयली और स्पाइसी खाने से परहेज करें.
7. नारियल पानी और सब्ज‍ियों का सूप जरूर लें. इस दौरान शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, ऐसे में ये लिक्विड डाइट एनर्जी देने का काम करती है.
8. आइस पैक को तौलिए में लपेटकर जोड़ों पर रखें और हल्के हाथों से दबाएं. इससे दर्द में फायदा होगा.
यूं तो सही देखरेख के साथ घर पर रहते हुए भी इस बीमारी से ठीक हुआ जा सकता है लेकिन बीमारी के दौरान डॉक्टर के संपर्क में जरूर रहें. अगर लगे की स्थिति संभलने के बजाय बिगड़ती ही जा रही है तो देर बिल्कुल न करें.
डेंगू से बचाव
डेंगू से बचने के उपाय 
डेंगू से कैसे बचे 
डेंगू से बचने के उपचार 

चाय पीने के फायदे और नुकसान


दोस्तों आज की पोस्ट हम लोग बात करेंगे चाय पीने के फायदे और नुकसान की आज की पोस्ट बहुत इंपॉर्टेंट है. चाय भारतीय समाज का एक अभिन्न अंग बन चुकी है, सर्वे के अनुसार पाया गया है लगभग 90% भारतीय बिना नागा किए चाय पीने के आदी होते हैं. इनमें से लगभग 25% लोग दिन भर में 2 बार से लेकर चार या पांच बार तक चाय का सेवन कर लेते हैं क्या आप जानते हैं यह अच्छी आदत है या नहीं इसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें.

चाय पीने के फायदे और नुकसान, और इससे होने वाले रोग

चाय पीने के फायदे और नुकसान इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अगर आप इसपर अमल करेंगे तो आप निश्चित रूप से बहुत फायदे में रहेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम भारतीयों को इस इस बीमारी की लत देखा देखी लगी है. चाय भारतीय देन नहीं है चाय अंग्रेज अपने साथ भारत में लाए थे. लेकिन उस वक़्त भारतीय लोगों ने सोचा के अंग्रेजों के इस महँगे शौक को हमें भी अपनाना चाहिए बस यहीं से भारतीय लोगों ने इस बीमारी को अपने गले लगा लिया और तब से लेकर आज तक ये चलन जारी है .
चाय हमारे मानव जीवन पर स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत खराब असर डालती है इसके सेवन से पाचनक्रिया तंत्र गढ़बढ़ा जाता है और यह तमाम पेट के रोगों के लिए भी जिम्मेदार है. इसलिए इस पोस्ट को आप अपने दोस्तों के बीच Facebook पर जरूर शेयर करें जिससे सभी लोग जागरुक हो जाए और चाय का सेवन बंद करें.

नवरात्रों के दौरान इन बातों को मानने से रहेंगे हट्टे-कट्टे, दूर होंगी सब समस्याएं




नवरात्र में 9 दिनों तक व्रत के दौरान कुछ लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं


नवरात्र में 9 दिनों तक व्रत के दौरान कुछ लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जो लोग हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से पीडि़त हैं, उन्हें और गर्भवती महिलाओं को ऐसा नहीं करना चाहिए। ऐसे मरीजों में दिन में केवल एक बार भोजन करना समस्याएं पैदा कर सकती हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मनोनीत अध्यक्ष डॉ के.के.अग्रवाल ने बताया, ''अगर पोषण की उचित गुणवत्ता शरीर को मिलती रहे, तो व्रत रखने से शरीर पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। जिन मरीजों को दिल की समस्या हैं, उन्हें आलू के पकौड़े और आलू के प्रोसैस्ड चिप्स जैसी तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए। मधुमेह के मरीजों को उसी वक्त अपना व्रत खोल देना चाहिए जब उनके रक्त शर्करा का स्तर 60 एमजी से नीचे चला जाए। उन्हें दिन में काफी मात्रा में तरल आहार भी लेते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर में डिहाइड्रेशन होने से लकवा या दिल का दौरा पड़ सकता है।"
उन्होंने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज से पीडि़त मरीजों में व्रत रखने से खतरा कम होता है, लेकिन टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों को व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। लंबी बीमारियों से पीडि़त मरीजों को व्रत रखते समय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए, क्योंकि नियमित तौर पर चल रही दवाओं की खुराक व्रत की वजह से 40 से 50 प्रतिशत तक कम करने की जरूरत हो सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने कुछ सेहतमंद सुझाव भी दिए
- सादा दही की बजाए लौकी का रायता खाएं।
- बीच में बादाम खाए जा सकते हैं।
- कुटृटू के आटे की रोटी कद्दू के साथ खाएं।
- थोड़ी थोड़ी देर बाद उचित मात्रा में फल खाते रहें ताकि शरीर में पोषक तत्व बने रहें।
- सिंघाड़े और कट्टू का आटा मिला कर पकाएं।
- सिंघाड़ा अनाज नहीं बल्कि फल है, इसलिए इसे अनाज की जगह प्रयोग किया जा सकता है।
- सिंघाड़े के आटे में ग्लूटन नहीं होता इसलिए सीलियक बीमारी से पीडि़त या ग्लूटन से एलर्जी वाले मरीज इसका प्रयोग कर सकते हैं।

इन 6 चीजों को दोबारा गर्म करके खाने से हो सकता है कैंसर


खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म
करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं,
कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है...

हम सभी के घरों में ऐसा होता है कि हम एक वक्त के खाने को दूसरे वक्त गर्म करके खा लेते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरत हो सकती है कि हर खाने को गर्म नहीं करना चाहिए। खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं। कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें गर्म करने पर उनमें मौजूद प्रोटीन खत्म हो जाता है और उसमें मौजूद कुछ तत्व कैंसर के कारकों में बदल जाते हैं।
आइए जानें, ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जिन्‍हें दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए...
1. चिकन
चिकन को दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक हो सकता है। दोबारा गर्म करने के बाद इसमें मौजूद प्रोटीन कॉम्पोजिशन बदल जाता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
2. आलू
आलू स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लेकिन अगर इन्हें बनाकर बहुत अधिक देर तक रख दिया जाए तो इनमें मौजूद पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। इसे दोबारा गर्म करके खाने से पाचन क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

3. चुकंदर
चुकंदर को कभी भी दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से इसमें मौजूद नाइट्रेट समाप्त हो जाता है। अगर चुकंदर ज्यादा बन भी गया है तो इसे फ्रिज में रख दें और अगली बार खाने से कुछ घंटे पहले बाहर निकालकर रख दें और बिना गर्म किए खाएं।

4. मशरूम
कोशिश की जानी चाहिए कि मशरूम हमेशा फ्रेश ही खाए जाएं। ये प्रोटीन का खजाना होता है, लेकिन दोबारा गर्म करके खाने से इसके प्रोटीन का कॉम्पोजिशन बदल जाता है और ये हानिकारक हो सकता है।
5. अंडा
अंडे को दोबारा गर्म करके खाना हमेशा नुकसानदेह होता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन दोबारा गर्म करने के बाद विषाक्त हो जाता है।
6. पालक
पालक को दोबारा गर्म करके खाना कैंसर का कारण भी हो सकता है। इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट दोबारा गर्म करने के बाद कुछ ऐसे तत्वों में बदल जाते हैं जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

इंसान क्यों करते हैं एक-दूसरे को किस, मिल गया जवाब



किस करने के दौरान और किस ना करने के दौरान भी अधिकतर लोगों के मन में ये ख्याल जरूर आया होगा की हमलोग किस क्यों करते हैं,आखिरकार इस सवाल का जवाब मिल ही गया...

जब हम एक-दूसरे को किस करते हैं तो एक किस करने के दौरान लगभग 8 करोड़ बैक्टीरिया एक-दूसरे के मुंह में जाते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि इसमें से सारे बैक्टीरियां नुकसान ही पहुंचाते हों। लेकिन किस करने के दौरान और किस ना करने के दौरान भी अधिकतर लोगों के मन में ये ख्याल जरूर आया होगा की हमलोग किस क्यों करते हैं। ये सवाल हर किसी के जेहन में एक बार जरूर आया होगा। लेकिन जवाब नदारद रहा होगा। ऐसे में अधिकतर लोग इस सवाल को बेतुका मान पीछे छोड़ आगे बढ़ गए होंगे तो कुछ इसका जवाब पता लगाने के लिए आगे बढ़े होंगे। आखिरकार इस सवाल का जवाब मिल ही गया।


8 करोड़ बैक्टीरिया के एक-दूसरे के मुंह में जाने के बावजूद हर कोई किस करने के लिए उतारू रहता है और शायद ही कोई अपने जीवन का पहला किस भूलता है। और इसमें कोई दो राय भी नहीं कि पति-पत्नी, लव-बडर््स और प्यार करने वालों के बीच (चाहे वो किसी भी जाती के हों) किस की अहम भूमिका है।

पश्चिमी सभ्यता में किस का चलन
ये किस का चलन आया कहां से है? अगर देखा जाए तो ये किस का चलन पश्चिमी दुनिया से आया है। पश्चिमी समाज में एक दूसरे को किस करने का चलन कुछ ज्यादा है। पश्चिमी दुनिया में तो किस करने को एक सामान्य आदत माना जाता है जबकि हमारे यहां एक निजी पल है।
हर जगह ये चलन नहीं

लेकिन इस स्टडी के मुताबिक किस का चलन दुनिया की सभी संस्कृतियों में नहीं है। दुनिया के आधे से भी कम देशों में ही किस का प्रचलन है। और इसके अलावा किस का चलन जानवरों की दुनिया में भी दुर्लभ ही है। जानवर शायद ही एक-दूसरे को किस करते हैं।



किस करने का चलन
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि किस करने के व्यवहार का चलन क्यों और क्या है? अगर यह करना दापत्य जीवन के लिए इतना ही उपयोगी है तो फिर ये जानवरों की दुनिया में क्यों नहीं होता है? या फिर सभी देशों के लोग ऐसा क्यों नहीं करते?


जबकि हकीकत यही है कि अधिकतर जानवर किस नहीं करते हैं और ना ही सारे इंसान। इस नए अध्ययन में दुनिया की 168 संस्कृतियों का अध्ययन किया गया है, जिसमें केवल 46 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग रोमांटिक पलों में अपने साथी को किस करते हैं। पहले ऐसा माना जाता था कि लगभग 90 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग रोमांस के पलों में अपने साथी को किस करते हैं। लेकिन अध्ययन के अनुसार ऐसा नहीं है।


लिप किस पर किया गया अध्ययन
इस अध्ययन में केवल लिप किस का अध्ययन किया गया है। इन अध्ययकर्ताओं को कई आदिम समुदाय के लोगों में लिप किस करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ब्राज़ील के मेहिनाकू जनजातीय समुदाय में इसे अशिष्टता माना जाता है। ऐसे समुदाय आधुनिक मानव के सबसे नजदीकी पूर्वज माने जाते हैं, इस लिहाज से देखें तो हमारे पूर्वजों में भी किस करने का चलन शायद नहीं रहा होगा। इस अध्ययन दल के प्रमुख और लॉस वेगास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विलियम जानकोवायक के मुताबिक यह सभी मानवों के स्वभाव में नहीं है।
हिंदुओं में 3500 साल पुरानी है ये संस्कृति


इस अध्ययन में शामिल एक शोधकर्ता प्रोफेसर विलियम जानकोवायक के अनुसार किस करना पश्चिम सभ्यता की देन है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती रही, जबकि ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर राफेल वलोडारस्की कहते हैं कि किस करना हाल-फिलहाल का चलन है। जबकि हिंदु संस्कृति में किस की क्रिया का सबसे पुराना उदाहरण हिंदुओं की वैदिक संस्कृति में मिलता है जो करीब 3500 साल पुराना है। ऐसे में ये भी कह सकते हैं कि किस करने का अंदाज शायद हिंदुस्तान से पूरी दुनिया में गया हो।

मिस्र में आलिंगन करना था महत्वपूर्ण
मिस्र की पुरानी संस्कृति में लोग किस करने के बजाय आलिंगन कर एक-दूसरे के करीब आते थे और अपना प्यार जताते थे। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि किस करना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है या आधुनिक इंसानों ने इसकी खोज की है। मानव के बुजुर्ग चिम्पांजी को माना जाता है। जॉर्जिया, अटलांटा स्थित एमरी यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञानी फ्रांस डि वॉल के अनुसार चिम्पांजी एक दूसरे से लडऩे-झगडऩे के बाद एक दूसरे को किस करते हैं या एक दूसरे को हग करते हैं। लेकिन चिम्पांजियों में किया गया ये किस रोमांस का हिस्सा नहीं होता था। वहीं चिम्पांजियों की एक प्रजाति बोनोवो में चिम्पाजी कई मौकों पर एक-दूसरे को किस करते हैं और किस करते वक्त जीभ का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन उनमें भी किसिंग की प्रवृति का रोमांस से कोई लेना-देना नहीं है।


क्यों करते हैं किस
सवाल अब भी जस का तस है जिसका जवाब 2013 में वलोडारस्की के अध्ययन में मिलता है। इस अध्ययन में किस करने की प्रवृति पर विस्तार से अध्ययन किया गया। वलोडारस्की ने सैकड़ों लोगों से ये पूछा कि वे जब एक दूसरे को किस करते हैं तो क्या खास महसूस करते हैं? इसमें पता चला कि शरीर की सुगंध से लोग एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और किस अपने आप हो जाता है। वलोडारस्की कहते हैं कि हममें स्तनधारियों के सारे गुण हैं, इसमें समय के साथ हमने कुछ चीजें जोड़ भी ली हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि किस लोगों को एक-दूसरे के करीब लाता है।

खर्राटों से परेशान हैं तो अपनाएं ये टिप्स, तुरंत मिलेगा फायदा


इन उपयों के आधार पर खर्राटों की परेशानी को इन घरेलू खत्म किया जा सकता है

कई लोगों को खर्राटे की समस्या रहती है। यह समस्या स्ट्रेस, गलत डाइट प्लान, नशा और हॉर्मोनल में बदलाव आदि के कारण होती है। खर्राटों से न सिर्फ खुद खर्राटे लेने वाला बल्कि उसके आसपास सोने वाले लोग भी परेशान रहते हैं। खर्राटे कई यह सर्दी, खासी और बुखार का संकेत भी होते है। यहां हम आपको बता रहे हैं खर्राटों की समस्या को दूर करने के आसान घरेलू उपाय।
- नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करें। ऐसा करने पर गले की नसों में होने वाली सूजन ठीक होती है और खर्राटों में राहत मिलती है।
- सोने से पहले एक चम्मच शहद पीएं। इससे गले की नशों मं आराम मिलेगा और खर्राटों की समस्या भी खत्म होगी।
- एक गिलास पानी में पुदीने के तेल की 4-5 बूंदें डालकर इससे गरारे करें। खर्राटों में तुरंत आराम मिलेगा।
- एक कप पानी में एक अदरक का छोटा टुकड़ा उबालकर 5 मिनट बाद में एक चम्मच शहद मिलाकर पींए। ऐसा दिन में 2-3 बार करें। खर्राटों की समस्या खत्म होगी।
- रात को सोने से पहले एक चम्मच ऑलिव ऑयल गुनगुना करके पीएं। ऐसा करने पर खर्राटों की समस्या दूसरी होगी।
- रोज रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीएं। ऐसा करने पर सांस की नली खुलती और खर्राटों से राहत मिलती है।
- 2-4 लहसुन की कली को सरसों के तेल में डालकर गर्म करें और इस तेलसे सीने की मालिश करें। इससें सांस की रूकावट दूर होगी।
- घी को गर्म करें। इसके बाद गुनगुना होने के बाद 2 या 3 बूंदे नाक में डालें। रोज रात को सोने से पहले ऐसा करने पर खर्राटों में राहत मिलेगी।
- एक कप पानी में आधा-आधा चम्मच चायपत्ती, अदरक पाउडर, दो लौंग और नींबू के रस को उबालें। इस काढ़े को रात में सोने से पहले पीएं।
- बॉडी में पानी की कमी से नाक और गले में कफ बढ़ जाता है जिससें सांस में रूकावट आती है। दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीएं।

साल में दो बार आता है तलाक का मौसम आप भी रहें सावधान


सर्दी, गर्मी, बारिश और पतझड़ कीतरह तलाक का भी मौसम होता है,पहला मार्च में और दूसरा गर्मी की में और दूसरा गर्मी की छुट्टियों के बाद








सर्दी, गर्मी, बारिश और पतझड़ की तरह तलाक का भी मौसम होता है! वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में सोशलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर जूली ब्रिन और पीएचडी कर रहे ब्रायन सेराफनी ने अपने अध्ययन में पाया कि तलाक दर्ज करवाने का ये मौसम साल में दो बार आता है।

पहला मार्च में और दूसरा गर्मी की छुट्टियों के बाद अगस्त में। तलाक के मौसम का मतलब है वो महीने जब सबसे ज्यादा केस दर्ज किए गए। यह अध्ययन वाॉशिंगटन में 2011 से लेकर 2015 के बीच दर्ज हुए तलाक के केस के आधार पर किया गया।
गर्मी और सर्दी की छुट्टी के बाद ज्यादा मामले
तलाक के केस सर्दियों और गर्मियों की छुट्टियों के बाद अचानक बढ़ जाते हैं। ये शोध सिएटल में अमरीका के सामाजिक संघ की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया। तलाक के इन मामलों के जरिए परिवारों के व्यवहार को भी समझा जा सकता है। इस शोध को करने वाली ब्रिन्स कहती हैं कि सर्दियों और गर्मियों की छुट्टियां पारंपरिक रूप से परिवारों के एक पवित्र समय है। छुट्टियों में तलाक दाखिल करना अनुचित और वर्जित माना जाता है। संभवत: इसी कारण तलाक के केस अवकाश के बाद ज्यादा दर्ज करवाए जाते हैं।
छुट्टियों में सामने आती हैं दरारें
ज्यादातर लोग अपने साल भर की निराशाओं को भूलकर छुट्टियों को बढ़ती उम्मीदों के साथ देखते हैं। छुट्टियां उनके लिए एक आशावादी समय होता है। इस समय वो अपने जीवन की नई शुरुआत करना चाहते हैं। कुछ दंपत्तियों के लिए ये छुट्टियां भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होती हैं। कुछ के लिए तनावपूर्ण। इस समय कई शादियों की दरारें सामने आती हैं। छुट्टियों के बाद और बच्चों के स्कूल से पहले लोग अगस्त में तलाक दर्ज करवाते हैं।
केस गिने, फिर घर-घर जाकर पूछा
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में सोशलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर जूली ब्रिन और पीएचडी कर रहे ब्रायन सेराफनी ने अध्ययन के लिए पहले तलाक के दर्ज केसों के आंकड़े जुटाए, फिर घर-घर जाकर लोगों से बात की।

आईफोन 7 को लेकर बड़ा खुलासा, जानिए क्या होगी आईफोन 7 की कीमत


बिना इयरफोन जैक के आएगा iPhone 7, कीमतें भी हुईं लीक!










" एप्पल सात सितंबर को आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस लॉन्च करने की तैयारी कर चुकी है, लेकिन अभी भी आगामी आईफोन 7 की अफवाहों और अटकलों का बाजार गर्म है। इस बार आईफोन 7 के फीचर्स या डिजाइन के बारे में खबर नहीं है। चीनी की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस की कीमतों का खुलासा हो चुका है।

Phoneradar की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस तीन वेरिएंट (स्टोरेज के आधार पर) 32 जीबी,
128 जीबी और 256 जीबी में आने की उम्मीद है। आईफोन 7 (32 जीबी) की कीमत 5288 युआन (करीब 53,100 रुपये), 128 जीबी की कीमत 6088 युआन (करीब 61,200 रुपये) और 256 जीबी वेरिएंट की कीमत 7088 युआन (करीब 71,250 रुपये) होने की उम्मीद है।

हाल ही की कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, iPhone 7,  4.7 इंच की 3डी टच डिस्‍प्ले के साथ होगा, जबकि iPhone 7 Plus बड़े 5.5 इंच डिस्प्ले के साथ हो सकता है। कंपनी पढ़ने और एप्लिकेशन नेविगेशन के लिए इस डिवाइस के डिस्‍प्ले रेज्‍ल्यूशन को भी बढ़ाने के बारे में सोच रही है।

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सिर्फ 501 रुपए में मिल रहा है 8MP कैमरा वाला यह फोन

सिर्फ 501 रुपए में मिल रहा है 8MP कैमरा वाला यह फोन



रिंगिंग बेल्स के 251 रुपए वाले Freedom 251 स्मार्टफोन के बाद एक और कंपनी चैंपवन ने 501 रुपए में स्मार्टफोन पेश किया है.जिसका नाम ChampOne C1 रखा गया है.

आपको बता दें कि इस फोन को फ्लैश सेल में केवल वही लोग ले पाएंगे जिन्होंने इसके लिए रजिस्ट्रेशन किया है. यह केवल कैश ऑन डिलिवरी पर उपलब्ध होगा.इसकी फ्लैश सेल 2 सितम्बर को होगी.

फीचर्स की बात करें तो C1 में 5 इंच की HD डिस्प्ले दी गई है. इसका 1.3GHz MT6735 क्वॉडकोर प्रोसेसर इसकी अप्लीकेशंस को ईजी एक्सेस देता है.C1 एक एंड्रॉएड बेस्ड फोन है जो 2 GB रैम से लैस है.

कैमरे की बात करें तो इसमें 8 मेगापिक्सल रियर कैमरा और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट सेंसर कैमरा दिया गया है. स्टोरेज का पूरा ध्यान रखते हुए कंपनी ने इसे 16 GB की इंटरनल स्टोरेज के साथ पेश किया है.

बैटरी पर नजर डालें तो इस फोन में 2500mAh की बैटरी दी गई है. खास फीचर के तौर पर ड्यूल सिम वाले इस फोन में फिंगर प्रिंट सेंसर दिया गया है.

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कंपनी का कहना है कि वेबसाइट में कुछ खराबी आने के कारण फिलहाल इस फोन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद हा चुके हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 501 रुपए में स्मार्टफोन देने का ऑफर कंपनी के सेल्स प्रमोशन का एक हिस्सा है. इसके बाद ये अपनी रियल प्राइस लगभग 8000 रुपए में मिलेगा.

इंसान का दिमाग कभी भी, कुछ भी सोच सकता है, साबित करते हैं ये 28 OMG फैक्ट्स

मैं ऐसा क्यों हूं, मैं ऐसा क्यों हूं?



खुद को लेकर हम जितनी भी बातें सोचते हैं, उनमें से एक ये बात भी है कि हम ऐसे क्यों हैं? क्यों हम कुछ चीज़ों को लेकर ख़ास तरह से व्यवहार करते हैं. या क्यों हम हंसने के वक़्त रोते और रोने वाली बात पर हंसने लगते हैं.
'खुद को टेढ़ा और थोड़ा खिसका हुआ' समझने वाले हम अकेले नहीं, हमारे जैसे कई हैं. और हमें थोड़ा-सा अजीब बनाता है हमारा दिमाग. जितना हम सोचते हैं, उससे ज़्यादा खेल दिखाता है अपने दिमाग.
चलिये इस चंचल मन-मस्तिष्क के बारे में कुछ मज़ेदार Facts आपको बताते हैं, हैरान होने Ready रहना:

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व्हाट्सएप फेसबुक से शेयर करेगा नंबर, खत्म हो जाएगी आपका प्राइवेसी?


व्हाट्सएप फेसबुक से शेयर करेगा नंबर, खत्म हो जाएगी आपका प्राइवेसी?


अपनी पोलिसीज में भारी बदलाव करते हुए व्हाट्सएप अब अपने यूजर्स का नंबर ओनर कंपनी फेसबुक के साथ साझा करेगा।
जिसकी मदद से व्हाट्सएप यूजर्स फेसबुक के जरिए और भी ज्यादा टारगेट विज्ञापन पा सकेंगे। यह एड फेसबुक पर ही होंगे, व्हाट्सएप पर एड देने संबंधी कोई बात नहीं कही गई है।
वहीं कंपनी ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि वो केवल मोबाइल नंबर ही फेसबुक के साथ साझा करेगा। इससे उपभोक्ताओं को डरने की जरूरत नही है।

उनकी प्राइवेसी में कोई दिक्कत नही होगी। उपभोक्ताओं का निजा डाटा निजी ही रहेगा। व्हाट्सएप यूजर्स को जल्द ही एक विकल्प देगा कि वह अपनी जानकारी फेसबुक के साथ साझा करना चाहते हैं या नहीं।